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शौचालय नहीं तो टिकट नहीं

(फोटो साभार: शिवम सेतु)

(फोटो साभार: शिवम सेतु)

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने इरादों पर कायम रह गये तो पंचायत और निकाय चुनावों में वैसे लोग उम्मीदवार नहीं बन पाएंगे जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं।
नीतीश कुमार ने मनरेगा और निर्मल भरत अभियान पर आयोजित कार्यशाला में यह एंलान किया कि पंचायत और नगर निकाय चूनावो में उम्मीदवारों के लिये शौचालय अचल संपत्ति का होना जरुरी पात्रता का हिस्सा होगा। उन्होने कहा कि पंचायत व नगर निकाय में संसोधन किया जाएगा। साथ ही गांवो में शौचालय की समस्या के समाधान के लिये राज्य सरकार हर पंयात में ”ब्रिज फंड“ बनाएगी। इसके तहत शौचालय बनाने के समय ही लाभार्थी को 4600 रुपये मिल जाएंगे।केन्द्र सरकार से राशी मिलने पर ”ब्रिज फंड“ में जमा हो जाएगी। इस तरह पैसे के कारण काम नहीं रुकेगा।
केन्द्र सरकार एक करोड़ ग्यारह लाख बी.पी.एल. परिवार के लिये राशी देती है। जबकी राज्य के अपने सर्वे के अनुसार बी.पी.एल. परिवारों की संख्या दो करोड़ उन्नीस लाख है। सरकार इसी हिसाब से पैसा दे। 2015 तक र्निधारित लक्ष्य का पचास प्रतिसत पुरा कर लेना है। इस योजना में ए.पी.एल. परिवार को भी लाभ दिया जएगा। ग्रमिण विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में शौचालय से कई गुणा अधिक मोबाईल कनेक्सन है। 2012 से 19 नवम्बर को विश्व शौचालय दिवस मनाने का निणय लिया गया। बिहार पहली बार विश्व शौचालय दिवस मनाया जा रहा हैं।