खबर लहरिया Blog बिहार के होनहार लाल सुशांत का मन क्यों था अशांत?

बिहार के होनहार लाल सुशांत का मन क्यों था अशांत?

बिहार के होनहार लाल सुशांत का मन क्यों था अशांत? अप्रैल के आखरी सप्ताह से जो बॉलीबुड से मौत की खबरे शुरू हुई वो अब नहीं ले रही. 29 अप्रैल को इरफ़ान खान, 30 अप्रैल को ऋषि कपूर, 31 मई को वाजिद खान और अब 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई. इन सबमे फर्क सिर्फ इतना है कि बाकी के लोग बीमारी से मरे थे और सुशांत सिंह ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. सुशांत ने ऐसा कदम तब उठाया जब उसका करियर बुलन्दी पर था. एमएस धोनी और छिछोरे जैसे फिल्म में काम करने वाला सुशांत अंदर से कितना अशांत था इस बात को किसी को खबर तक नहीं हुई.

उनके मौत की खबर मिलने से पुरे बॉलीबुड ही नहीं परिवार और फैंस में भी दुःख की लहर दौर गई है. जानकारी के अनुसार रव‍िवार को घर में उनका शव पंखे से लटकता मिला. घर के नौकर ने फोन कर पुलिस को इसकी जानकारी दी. फिलहाल, आत्महत्या के किसी कारण का पता नहीं चला है.
सुशांत का जन्म बिहार राज्य के पूर्णिया जिले के महीदा का रहने वाला था. सुशांत ने अपने ऐक्टिंग करियर की शुरुआत “‘किस देश में है मेरा दिल” नाम के टीवी सीरियल से की थी लेकिन उन्हें पहचान मिली एकता कपूर के धारावाहिक ”पवित्र रिश्ता” से मिली। इसके बाद उन्हें फ़िल्मो के प्रस्ताव मिलना शुरु हुए। उनकी पहली फिल्म ”काय पो छे” थी लेकिन उन्हें 2016 में आई महेंद्र सिंह धोनी की आत्मकथा एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी, जिसमें अपने अभिनय हेतु काफी सराहना मिली थी। अपने फ़िल्मी करियर में उन्होंने कुल 12 प्रसिद्ध फिल्मों और 2 प्रसिद्ध टीवी धारावाहिकों में अभिनय किया था। बता दें कि काफी सालों बाद मुंबई के फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा कलाकार बिहार से आया, जिसका स्टारडम भी जबरदस्त था. इससे पहले शत्रुध्न सिन्हा ही ऐसे फिल्ली कलाकार बिहार से हुए थे, जिनका स्टारडम बांकी बिहारी कलाकारों पर भारी था. बिहार के इस उभरते फिल्मी सितारे ने टीवी धारावाहिक पवित्र रिश्ता से मनोरंज की दुनिया में इंट्री की थी. इसके बाद जब वे बॉलीवुड में पहुंचे तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक के बाद एक दमदार फिल्मों की बदौलत सुशांत सिंह कुछ ही दिनों में फिल्मी दुनिया और दर्शकों के चहेते स्टार बन गए.

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बताया जा रहा है कि सुशांत सिंह 5-6 महीने से मुंबई के एक बड़े मनोचिकित्सक से डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे. हालांकि ट्रीटमेंट का कोई भी कागज़ात घर में नहीं मिला, लेकिन दवाई का कागज मिला है. डॉक्टर से पुलिस ने संपर्क किया है. सुशांत की बहन ने पुलिस को शुरुआत में बताया है कि उनके भाई को कोई तकलीफ नहीं थी और ना ही आर्थिक तंगी थी.तो फिर डिप्रेशन का कारण क्या था ? सुशांत सिंह राजपूत के इंस्टाग्राम पर उनकी आखिरी पोस्ट 3 जून की है. इस पोस्ट में उन्होंने अपनी और मां की फोटो शेयर की है, और लिखा है, ‘आंसुओं से धुंधला पड़ता अतीत, मुस्कुराहट के एक आर्क को उकेरते सपने, और एक क्षणभंगुर जीवन, दोनों के बीच बातचीत …# माँ सुशांत की माँ की मौत 2002 में हो गई सुशांत अपने माँ के काफी करीब थे. और उनका ये पोस्ट उनके अकेलेपन और अशांत मन की व्याख्या करता है.

 

ऐसा बताया जा रहा है कि उन्होंने डिप्रेशन में आकर खुदकुशी कर ली. हालांकि, इस मामले में जांच जारी है. आपको बता दें कि डिप्रेशन में आये दिन युवा खुदकुशी जैसे कदम उठा लेते है. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में प्रत्येक वर्ष करीब 8 लाख लोग मानसिक तनाव में आकर आत्‍महत्‍या कर लेते है. डब्ल्यूएचओ की मानें तो करीब 7.5% भारतीय डिप्रेशन के शिकार है. लेकिन ये हमेशा याद रखना चाहिए कि आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं होता। खैर समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सुशांत सिंह राजपूत का मुंबई के आरएन कूपर म्यूनिसिपल जनरल हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाया गया था। डॉक्टर्स की ओर से बांद्रा पुलिस स्टेशन में तत्कालिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंप दी है। तीन डॉक्टर्स की टीम ने सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमार्टम किया था। रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाने के बाद दम घुटना बताया गया है.