खबर लहरिया Blog स्वतंत्र भारद्वाज कौन हैं? खुद किया मारपीट का दावा, बोले- ‘वो हमला नहीं सेल्फ़ डिफ़ेंस था, निशु की मदद को राहुल गांधी आगे आए

स्वतंत्र भारद्वाज कौन हैं? खुद किया मारपीट का दावा, बोले- ‘वो हमला नहीं सेल्फ़ डिफ़ेंस था, निशु की मदद को राहुल गांधी आगे आए

स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया है जिसमें, दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान निशु आजाद के पिता की सर फोड़ने की बात कही जा रही है। आखिर कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाजराहुल गांधी ने निशु की मदद की बात कही। चंद्रशेखर आजाद ने मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही। स्वतंत्र भारद्वाज का एक नया वीडियो भी सामने आया। आज 4 सितम्बर को कुछ ही समय पहले कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य कार्रवाई की मांग को लेकर नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन थाने पहुंचे हैं।

स्वतंत्र भारद्वाज (फोटो साभार: स्वतंत्र भारद्वाज इंस्टाग्राम अकाउंट)

स्वतंत्र भारद्वाज जो हालही में अपने एक पॉडकास्ट और बयानों के कारण चर्चा में आए हुए हैं। स्वतंत्र भारद्वाज पॉडकास्ट का भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज कहते नजर आ रहा है कि गंभीर धाराओं (जैसे धारा 307) के योग्य मामला होने के बावजूद राजनीतिक संपर्कों के चलते उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। 

दरअसल जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)  का जब प्रदर्शन चल रहा था। निशु आज़ाद अपने पिता संजय कुमार के साथ सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं। उसी दौरान एक प्रदर्शनकारी (निशु आज़ाद) के पिता पर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा कथित तौर पर हमला करने और उनका सिर फोड़ने का दावा किया था। उस समय पर ये कहा गया कि स्वतंत्र भारद्वाज के ऊपर क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

लेकिन हाल ही में आए एक पॉडकास्ट वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज खुद ही स्वीकार करते हुए दिख रहे हैं। कि “निशु के बाप का हम सर फाड़ें, इसमें हाफ मर्डर (307) का धारा लगता है। सर पे 60 लगा हुआ था। बंदा मरने की स्थिति में एम्बुलेंस में जा रहा था। उसकी बेटी थाना के बाहर कह रही थी कि अगर मेरे बाप को इंसाफ़ नहीं मिला तो हम जहर खा के मर जाएँगे। हम तो जेल भी नहीं गए पूरी दुनिया को ये बात पता होना चाहिए। हमारे ऊपर कपिल मिश्रा का कृपा है वो हमारे बड़े भाई हैं। चिराग पासवान अपने बड़े भईया हैं। आप मोदी जी को जान रही हैं? मोदी जी भी अपने बड़े भाई हैं, सब का सपोर्ट है। मैने जो जूता पहना है वो भी दिल्ली पुलिस का है।” 

हालाँकि सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा इसे इनकार किया गया है। कहा गया है कि इस मामले में क़ानूनी कार्यवाही की गई। 

दूसरी ओर कपिल मिश्रा (दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री) का अभी तक इस मूद्दे कोई पक्ष या बयान नहीं आया है। 

अपने इस बयान पर क्या कहता है स्वतंत्र भारद्वाज

आज यानी 4 सितंबर 2026 को करीब 12 बजे स्वतंत्र भारद्वाज का एक और वीडियो आता है। जिसमें ANI को बताते हुए दिखता है कि “जिसको वो लोग हमला का रूप ड़े रहे हैं वो हमला नहीं सेल्फ़ डिफ़ेंस था। अगर हम सेल्फ़ डिफ़ेंस में किसी भी एक बंदे पर अटैक नहीं करते तो उस दिन मेरा मॉब लिंचिंग हो सकता था, मेरा हत्या हो सकता था। मेरे हाथ में कड़ा था उससे उसको चोट लगा। 

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज? 

बता दें स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा के रहने वाले हैं।फ़िलहाल दिल्ली में ही रहता है। स्वतंत्र भारद्वाज 21 वर्षीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और हिंदुत्व कार्यकर्ता है। खुद को ‘स्वतंत्र हिन्दू’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज हिंदुत्व, अखंड भारत और वैचारिक मुद्दों पर मुखर रहने का दावा करते हैं। पॉडकास्ट में बताया है कि वो मिथिला ब्राह्मण है। उसने बताया है कि उसके पिता ने उसे दिल्ली भेजा था UPSC की तैयारी करने के लिए। जिसके बाद उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। उसने यह भी बताया कि वह JNU के घेराव में भी शामिल हो चुका है।

स्वतंत्र भारद्वाज का लगातार भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया में आते रहते हैं। 

https://x.com/CJP_for_India/status/2095728284273377553?s=20 

स्वतंत्र भारद्वाज के इस वीडियो पर निशु आज़ाद क्या कहती है? 

निशु आज़ाद अपने एक्स अकाउंट में वीडियो जारी कर कहती है कि “मुझे अब नेता विपक्ष @RahulGandhi से उम्मीद है वो हमें न्याय जरूर दिलाएंगे।”मैं लडूंगी और इस लड़ाई को जीतूंगी।” 

वो आगे कहती है “स्वतंत्र भारद्वाज खुद एक्सेप्ट कर रहा है कि उसने मेरे पापा का सर फोड़ा। उसके ऊपर हाफ मर्डर लगना चाहिए था। जब उसने पापा का सर फोड़ा था,उसी समय उसके खिलाफ एफ़आईआर करवाई थी। लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। मेडिकल के नाम पर घुमा रही है। दिल्ली पुलिस से न्याय की पूरी उम्मीद टूट गई है। मुझे उम्मीद है तो राहुल गांधी जी आपसे। जिन लोगों के मन में कानून का डर नहीं है, वो खुले कैसे घूम सकते हैं। इनको जेल में होना चाहिए।” 

स्वतंत्र भारद्वाज के  इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ 

CJP प्रवक्ता ने एक्स पर इस बारे में पोस्ट किया है कि “मुझे आपको विस्तार से बताने दीजिए कि जंतर-मंतर पर हमारे प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थित गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा दलित युवक संजय पर किए गए हमले के बाद वास्तव में क्या हुआ: – संजय जी की खोपड़ी फट गई थी। घाव इतने गंभीर थे कि एफआईआर में हत्या के प्रयास का आरोप (आईपीसी की धारा 307) स्पष्ट रूप से बनता था। – पुलिस ने यह आरोप जोड़ने से इनकार कर दिया। – यह धारा संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, इसलिए इसके तहत संजय जी की तत्काल गिरफ्तारी हो जाती। – गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस ने साफ इनकार कर दिया। – हमने मांग की कि तत्काल “गंभीर चोट” की धारा (धारा 326) जोड़ी जाए, जिससे संजय जी की तत्काल गिरफ्तारी हो जाती। – डीसीपी सचिन शर्मा और एसीपी अजय शर्मा ने साफ इनकार कर दिया। – इतना ही नहीं, उन्होंने हमारे मुंह पर कहा, “जाओ अदालत से आदेश ले आओ!” – हमें अभी तक विशेषज्ञ चिकित्सा राय नहीं मिली है।”  

आगे लिखा है – “हमले के तुरंत बाद कई लोगों द्वारा रील बनाकर संजय की नाबालिग बेटी निशु को खुलेआम धमकी देने के बावजूद, भारद्वाज के अन्य सहयोगी गिरोह सदस्यों की भी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। – अब भारद्वाज खुलेआम दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा पर पुलिस पर दबाव डालने का आरोप लगा रहा है कि उसे थाने से रिहा किया जाए और उस पर कोई सख्त धारा न लगाई जाए जिससे उसकी गिरफ्तारी हो सके! तो बताइए, मिश्रा को एफआईआर में सहयोगी क्यों नहीं बनाया जाना चाहिए, जबकि उन्होंने न्याय प्रक्रिया में अवैध रूप से हस्तक्षेप किया? गिरोह सदस्यों को संरक्षण देने और अपने पद का दुरुपयोग करने के लिए उन्हें इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए? क्या भाजपा नेतृत्व इसका समर्थन करता है?”

निशु के वीडियो के बाद राहुल गांधी ने अपने एक्स में पोस्ट कर लिखा है कि – निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।

साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।

अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। 

@narendramodi जी, @AmitShah जी – ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?

निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।”

आम आदमी पार्टी ने अपने एक्स हैंडल में लिखा है कि – “प्रधानमंत्री हमारे बड़े भाई हैं।”

ये शब्द एक गली का गुंडा बोल रहा है, जो हर दिन इसलिए गुंडई करता घूमता है क्योंकि उसके सिर पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके नेताओं का हाथ है।

क्या ऐसा अशिक्षित प्रधानमंत्री, जो गुंडों को खुला संरक्षण दे रहा है, आपकी बेटियों और बेटों की सुरक्षा कर सकता है?”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट में कहा है – “भाजपा सरकार है या अपराधियों की पैरोकार है?” 

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद और वर्तमान में नगीना, उत्तर प्रदेश से लोक सभा सांसद ने कहा है कि – “सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?

“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”

आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।” 

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