भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आज 21 जुलाई 2026 को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और असम व मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा भारी बारिश होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आने वाली मजबूत मानसूनी हवाओं और उत्तर भारत में सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण पूरे प्रदेश में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते यूपी के कई जिलों में बादल गरजने, बिजली चमकने की ज्यादा आशंका है। अगले छह से सात दिनों तक उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में सक्रिय मानसून की स्थिति बनी रहने की उम्मीद है।
दिल्ली मौसम अपडेट
आज दिल्ली में पूरे दिन बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है, इसलिए बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें। अधिकतम तापमान लगभग 31°C और न्यूनतम 25°C रहने का अनुमान है। IMD ने दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
दिल्ली में 21 से लेकर 27 तक मौसम अपडेट
आने वाले 5–7 दिनों में भी दिल्ली में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तापमान लगभग 32–34°C के बीच रहेगा, जिससे गर्मी में राहत मिलेगी लेकिन उमस बनी रह सकती है। दिल्ली मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई से लेकर 24 जुलाई तक बारिश की संभावना है वहीं 25 से 27 जुलाई तक बादल छाए रहने की सम्भावना है।
उत्तर प्रदेश का मौसम अपडेट
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार आज 21 जुलाई 2026 मेरठ, आगरा, प्रयागराज, लखनऊ, बहराइच में भारी बारिश, गरज चमक के साथ बिजली गिरने की सम्भावना जताई गई है। आईएमडी ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के 45 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
यूपी में 22 जुलाई से 27 जुलाई तक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बांदा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, मथुरा, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, इटावा, औरैया, महोबा, जालौन, हमीरपुर और झांसी में आने वाले दिनों में पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। 22 से 24 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती हैं वहीं 23 से 25 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।
बिहार का मौसम अपडेट
आज 21 जुलाई 2026 बिहार में अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है। इसमें पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, गोपालगंज, सिवान, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, बेगूसराय, खगड़िया और आसपास के जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बिहार में 21 जुलाई से 27 जुलाई तक तूफान और भारी बारिश
पटना मौसम विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति 21 जुलाई से लेकर 27 जुलाई तक बनी रहेगी। इसमें कई जिलों में बिजली तूफान, गरज चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है।
मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश में आज 21 जुलाई और अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और छिटपुट वर्षा हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
मध्य क्षेत्र इलाके में भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल में रुक-रुक कर अच्छी वर्षा की संभावना है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, देवास आदि में ज्यादातर हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश रहने का अनुमान है हालांकि कहीं-कहीं तेज़ बारिश हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव
जुलाई 2026 में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण भारत के कई पहाड़ी राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से बड़ी तबाही हुई है। हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा और चंबा, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़, जम्मू-कश्मीर के रामबन, किश्तवाड़ और डोडा, अरुणाचल प्रदेश के कीयी पन्योर, लोअर सुबनसिरी और पापुम पारे तथा असम के गुवाहाटी और कामरूप सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश से अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुए हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की जान गई, अनेक लोग घायल या लापता हुए, सैकड़ों सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए, कई पुल, मकान और फसलें क्षतिग्रस्त हुईं, बिजली और पेयजल सेवाएँ बाधित हुईं तथा हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना पड़ा। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं।



