यूपी के चित्रकूट के मऊ ब्लॉक खण्डेहा चौकी अंतर्गत एक महिला (35 वर्ष) से बलात्कार और छेड़खानी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 25 अप्रैल 2026 रात 8 बजे घर में महिला को अकेले देख तीन व्यक्तियों ने छेड़छाड़ और बलात्कार किया। चिल्लाने पर बचाने परिवार वाले आए तो आरोपियों ने पति, सास और बेटे के साथ मारपीट की।
रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – सुचित्रा
चित्रकूट के मऊ ब्लॉक खण्डेहा चौकी अंतर्गत आने वाले गांव में अधिकांश घर यादव समुदाय के हैं और सिर्फ एक घर दलित समुदाय का है। यादव समुदाय के लोग कथित तौर पर खुद को उच्च श्रेणी का मानते हैं और निम्न जाति पर अपना अधिकार समझते हैं। उनके लिए दलितों का शोषण करना आसान है क्योंकि दलितों की न तो ऊपर तक पहुंच होती है, न तो उनके पास ज्यादा पैसा होता है और न ही उनके साथ हुए हिंसा को अपराध माना जाता है। चित्रकूट में भी इसी तरह की घटना सामने आई है जिसने एक बार फिर जातिगत हिंसा को उजागर किया है।
पूरा मामला
इस मामले पर हमारी रिपोर्टर सुनीता ने महिला से बातचीत की। महिला ने बताया 25 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे वह खाना बना रही थी। उस वक्त घर पर कोई नहीं था। महिला का पति भैंस को ढूंढने गया था जोकि चरने गई थी और घर नहीं लौटी थी। इस बीच उन्हीं के घर के पीछे रहने वाले अहीर समुदाय के बड़ा भईया, मुन्नी (पुरुष) और मुन्नी के बुआ का लड़का तीनों जबरदस्ती घर में घुस गए। महिला के जबरन कपड़े फाड़े और बलात्कार किया।
ये भी पढ़ें – कर्वी और बहिलपुरवा थाना क्षेत्र में दो नाबालिग लड़की से बलात्कार, पिता और चाचा पर बलात्कार का आरोप
महिला चीखी तो परिवार के लोग सुनकर आए। महिला ने कहा -”जब मेरे पति ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें लात-घूसों से पीटा। मेरी सास को भी उठाकर पटका और बच्चे को भी मारा। सास, पति और बेटे को चोटें आई है।
महिला उसी रात 9 बजे खण्डेहा चौकी में पेटीकोट और ब्लाउज में शिकायत के लिए दौड़ी। पीछे से उनका बेटा साड़ी लेकर थाने पंहुचा। उस वक्त ड्यूटी पर थाना प्रभारी राहुल पाण्डेय थे। शिकायत दर्ज करने के बाद आरोपी बड़ा भईया और मुन्नी यादव को गिरफ्तार किया लेकिन इसके बाद छोड़ दिया।
पहले भी छेड़छाड़ की घटना
महिला ने बताया कि साल 2024 में बड़ा भइया ने उनके साथ जबरदस्ती की थी। तब से कई बार छेड़छाड़ करने की कोशिश की है। इसके बाद महिला ने खण्डेहा चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। मामला कोर्ट तक पहुंचा और अभी भी कर्वी कोर्ट में मामला चल रहा है।
ये भी पढ़ें – बलात्कार के एक महीने बाद लड़की ने की आत्महत्या, परिवार का आरोप, क्यों हुआ दोनों पक्षों में समझौता?
महिला बताती हैं कि “जब भी मैं बाहर शौच के लिए जाती हूं ये जाकर वहीं बैठ जाते हैं, फिर मैं लोटिया लेकर इधर-उधर जाती हूँ तो हमेशा मुझे ताकते रहते हैं।”
महिला ने बताया कि एक बार पूरा गांव को इकठ्ठा करके समझौता भी कराया गया लेकिन फिर भी इन्होने परेशान करना नहीं छोड़ा। अब पुरानी रंजिश के चलते बलात्कार किया।
आरोपी बच्चा यादव ने आरोपों को किया ख़ारिज
दूसरा पक्ष से इस मामले पर बात की गई तो तो आरोपी बच्चा यादव का कहना है कि “2025 में एक बार विश्वकर्मा जाति की जमीन पर कंडे पाथती थी और कंडे कोई चुरा ले जाता था वो (महिला) यादव जाति का नाम लेकर गाली देती थी। इसके बाद झगड़ा और मारपीट भी हुई। वो किस तरह की महिला है ये पूरा गांव जानता है।”
बच्चा यादव ने कहा कि “वो इसलिए लड़ती है कि उन्हें हम से ढाई लाख रूपया मिल जायेगा। और जिस दिन कि वो बात कर रही है उस वक्त मैं घर पर था। महिला दलित होने का फायदा उठा रही है।”
जाँच जारी
खण्डेहा चौकी प्रभारी राहुल पाण्डेय का कहना है महिला की रिपोर्ट लिखी गई है विवेचना मऊ सीओ को मिली। महिला को मेडिकल के लिए कल 27 अप्रैल को ले जाया गया अब आगे की कार्रवाई जाँच के बाद की जाएगी।
चित्रकूट में हुई इस घटना से परिवार वाले डर में हैं कि इस बार तीन लोग आए कल को बहुत सारे लोग आकर जान से भी मार सकते हैं। यदि पुलिस प्रशासन इंसाफ करने में तेजी लाती तो शायद फिर से यह घटना न हुई होती।
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’
