खबर लहरिया Blog बिहार: डायन के आरोप में महिला के साथ सरेआम मारपीट 

बिहार: डायन के आरोप में महिला के साथ सरेआम मारपीट 

पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के दयाचक गांव में अंधविश्वास के नाम पर 29 वर्षीय अंजली देवी को कथित तौर पर डायन कहकर इतना पीटा गया कि वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

रिपोर्ट – सुमन, लेखन – रचना 

अंजली देवी (फोटो साभार: सुमन)

अंधविश्वास आज भी समाज के कई हिस्सों में ऐसी जड़ें जमाए बैठा है जिसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है। कई बार बिना किसी सबूत के महिलाओं पर टोना-टोटका या डायन होने का आरोप लगा दिया जाता है और फिर उनके साथ मारपीट, अपमान और हिंसा जैसी घटनाएं सामने आती हैं।

दरअसल पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के दयाचक गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा की सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है। यहां 29 वर्षीय अंजली देवी को कथित तौर पर डायन कहकर इतना पीटा गया कि वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। यह घटना 27 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 2 बजे की है।                  

अंजली देवी अपने पति दीपक कुमार बीमार पिता, बहन और उसके परिवार के साथ एक ही घर में रहती हैं। पति दीपक कुमार के बयान के अनुसार परिवार रोजमर्रा की मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन चलाता है। अंजली देवी घर पर खाजा (मिठाई) की दुकान संभालती हैं जबकि उनके पति दीपक कुमार शादी-ब्याह और दूसरे आयोजनों में खाना बनाने का काम करते हैं। घटना के समय दीपक अपने काम पर गए हुए थे। तभी उन्हें मोहल्ले से फोन आया कि उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई है और वह बेहोश पड़ी हैं। यह खबर सुनते ही वह तुरंत घर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि अंजली की हालत बेहद खराब थी। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। 

दीपक कुमार का कहना है कि परिवार के कुछ लोग अक्सर उनकी पत्नी को डायन कहकर ताने देते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहते थे लेकिन रिश्तेदारी का मामला समझकर उन्होंने पहले कभी इसे ज्यादा तूल नहीं दिया। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि बात सीधे हिंसा तक पहुंच गई। अब यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ मारपीट का मामला नहीं अब ये अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं के खिलाफ हो रही उस सोच की तस्वीर है जो आज भी समाज के कई हिस्सों में जिंदा है।

अंजली देवी के पति दीपक कुमार (फोटो साभार: सुमन)

डायन बता कर पीटा गया 

घायल महिला अंजली देवी ने अपने बयान में बताया कि 27 अप्रैल 2026 को वह रोज की तरह अपनी दुकान पर खाजा बना रही थीं। उसी दौरान उनकी मौसी उषा देवी और मामी शकुंतला देवी अपने परिवार के कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचीं। अंजली देवी का आरोप है कि आते ही सभी लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे और उन्हें डायन कहकर आरोप लगाने लगे। उनसे कहा गया कि वह जादू-टोना करती हैं और इसी वजह से उनके परिवार के लोग बीमार रहते हैं। 

अंजली देवी के मुताबिक माहौल लगातार बिगड़ता देख उन्हें डर लगने लगा कि अगर वह घर के अंदर गईं तो उनके साथ कुछ भी हो सकता है। इसी डर से उन्होंने अपनी दुकान बंद की ताला लगाया और बाहर ही खड़ी रहीं। लेकिन इसके बावजूद आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसके बाद उन लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और गली में दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। मारपीट इतनी ज्यादा हुई कि वह बेहोश होकर वहीं गिर पड़ीं। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज कराया गया।

अंजली देवी को कई चोटें आई हैं (फोटो साभार: सुमन)     

मारपीट के बाद जान से मारने की धमकी 

मारपीट के दौरान उनके सिर पर दो-तीन जगह गंभीर चोटें आई हैं। उनके कान में पहना हुआ गहना भी खींच लिया गया जिससे कान में गहरी चोट आई और हालत खराब हो गई। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें सिर और कान पर पट्टी करवानी पड़ी जो तस्वीरों में भी साफ देखी जा सकती है। अंजली देवी का आरोप है कि हमला करने वालों ने उन्हें इस तरह पीटा जैसे उनकी जान लेने पर उतारू हों। घटना के बाद भी आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं और कह रहे हैं कि वे उन्हें जान से मार देंगे।

“डर और खतरे के कारण बच्चों को बाहर रखा है”

अंजली देवी बताती हैं कि लगातार मिल रही धमकियों और परिवार पर बढ़ते खतरे के कारण उन्हें अपने बच्चों को खुद से दूर भेजना पड़ा। उनके चार बच्चे हैं जिनमें से तीन बच्चों को उन्होंने सुरक्षा के लिए अपने मायके भेज दिया है जबकि एक बच्चे को हॉस्टल में रखकर पढ़ाई करवा रही हैं ताकि वह सुरक्षित रह सके। उन्हें लंबे समय से डायन कहकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था और अब बात शारीरिक हिंसा तक पहुंच गई है। जनवरी महीने में भी इसी तरह का झगड़ा और तनाव का माहौल बना था जिसके बाद डर की वजह से अपने बच्चों को अपने पास रखने का जोखिम नहीं उठाया। अब घर में सिर्फ वह और उनके पति रहते हैं और दोनों मेहनत करके अपना गुजारा करते हैं। 

अंजली देवी के मुताबिक आरोप लगाने वाले लोग अपने घर में किसी के बीमार पड़ने या कोई परेशानी होने पर उसका जिम्मेदार भी उन्हें ही ठहराते हैं। हाल ही में उनके रिश्तेदारों के घर किसी की तबीयत खराब हुई तो उसका आरोप भी उन पर लगाते हुए कहा गया कि उन्होंने जादू-टोना किया है।

“अगर मैं सच में डायन होती, मेरे पास कोई ऐसी ताकत होती तो मैं अपना बचाव कर लेती”

अंजली देवी बताती हैं कि यह पहली बार नहीं है जब उनके साथ इस तरह का व्यवहार हुआ है। अब तक तीन बार इसी तरह झगड़ा हो चुका है लेकिन पहले उन्होंने कभी थाने में शिकायत नहीं की। इस बार मामला इतना बढ़ गया कि उन्हें पुलिस के पास जाना पड़ा और पहली बार लिखित शिकायत देनी पड़ी। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया है लेकिन उनके मन में अब भी डर बना हुआ है। वह समाज से सवाल करते हुए कहती हैं “अगर मैं सच में डायन होती जैसा लोग कहते हैं, तो क्या मैं खुद को इस हाल में पहुंचने देती? अगर मेरे पास कोई ऐसी ताकत होती तो मैं अपना बचाव कर लेती। फिर मेरे ऊपर यह झूठा आरोप क्यों लगाया जा रहा है और लोग इस पर सवाल क्यों नहीं उठा रहे?”

अंजली देवी ने थाने में आवेदन दिया (फोटो साभार: सुमन)

घटना के दौरान बीच-बचाव करने वाले पप्पू यादव बताते हैं कि दोपहर के समय वह दुकान के पास बैठे थे तभी उन्होंने देखा कि कुछ महिलाएं अंजली देवी को मारते हुए गली की ओर ले जा रही थीं और लगातार उन्हें डायन कहकर चिल्ला रही थीं। पप्पू यादव के मुताबिक महिलाओं के झगड़े में सीधे हस्तक्षेप करना मुश्किल था लेकिन जब मारपीट बहुत ज्यादा बढ़ गई तो अंजली देवी ने बचाव में एक पत्थर उठाकर फेंका जिससे शायद सामने वाले पक्ष के किसी व्यक्ति को हल्की चोट आई हो। 

उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है इससे पहले भी कई बार दोनों पक्षों के बीच विवाद होते देखा गया है और हर बार झगड़े की वजह अंजली देवी को डायन बताना ही रहा है। पप्पू साफ कहते हैं कि वह खुद इस तरह की बातों पर भरोसा नहीं करते लेकिन उन्होंने अपने सामने लोगों को अंजली देवी को डायन कहकर अपमानित करते और मारपीट करते जरूर देखा है।

वहीं अंजली देवी की ननद बिंदु देवी का कहना है कि उनकी मौसी और मामी जब भी गांव आती हैं घर में आकर विवाद खड़ा कर देती हैं। उनके मुताबिक कई बार बिना वजह घर में घुसकर मारपीट की गई और जब उन्होंने रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। बिंदु देवी का मानना है कि अंजली पर डायन होने का आरोप सिर्फ अंधविश्वास नहीं है जमीन-जायदाद से जुड़ा मामला भी हो सकता है। वह कहती हैं कि अंजली देवी को बदनाम कर परिवार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है ताकि आगे चलकर जमीन पर कब्जा किया जा सके। बिंदु सवाल उठाती हैं “अगर अंजली सच में डायन होती, जैसा कहा जाता है, तो हम जो उसी घर में रहते हैं, हमें भी कुछ महसूस होता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। यह सिर्फ आरोप हैं जिनके सहारे उसे परेशान किया जा रहा है।

पड़ोसियों ने उठाए सवाल

आसपास दुकान चलाने वाले कुछ स्थानीय लोगों और दीपक कुमार के दोस्तों ने जिन्होंने अपना नाम सामने न लाने की बात कही और बताया कि अंजली देवी को डायन कहकर बुलाने की बात नई नहीं है। उनका कहना है कि जब भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा होता है हर बार यही आरोप लगाए जाते हैं। 

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें यह बात समझ नहीं आती कि अंजली देवी जिस जगह रहती हैं वहीं रोजमर्रा का काम करती हैं जबकि आरोप लगाने वाले लोग पटना में रहते हैं तो फिर यहां से जादू-टोना वहां तक कैसे पहुंच सकता है। उनका सवाल है कि अगर सच में ऐसा कुछ होता तो इतने भीड़भाड़ वाले इलाके में किसी न किसी को कुछ नजर आता या कोई असामान्य बात सामने आती। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ।

पड़ोस में रहने लोगों ने बताया हैं कि दयाचक का यह इलाका काफी व्यस्त रहने वाला क्षेत्र है। पास में स्टेशन है आसपास बाजार है और दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है। जगह इतनी भिड़-भाड़ वाली है कि यहां हर समय चहल-पहल रहती है। ऐसे इलाके में भी अगर लोग अंधविश्वास के नाम पर किसी महिला को निशाना बना रहे हैं तो यह चिंता की बात है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों को सिर्फ मारपीट मानकर नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि अंधविश्वास फैलाने और उसके नाम पर हिंसा करने वालों पर सख्त नजर रखनी चाहिए।

पुलिस ने फिलहाल मारपीट का मामला माना, जांच जारी 

इस मामले को लेकर जब पुलिस प्रशासन से बात की गई तो पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच मौके पर पुलिसकर्मी भेजे गए थे ताकि हालात की जांच की जा सके। शुरुआती जांच में मामला मारपीट का सामने आया है। फिलहाल पुलिस को ऐसी कोई स्पष्ट बात नहीं मिली है जिससे इसे डायन बताकर प्रताड़ित करने का मामला माना जाए हालांकि जांच अभी जारी है।          

बाढ़ थाना (फोटो साभार: सुमन)

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दीपक कुमार की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें छह लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। उनका कहना है कि अगर जांच के दौरान यह सामने आता है कि महिला को अंधविश्वास या डायन कहकर निशाना बनाया गया है तो उसी आधार पर आगे की धाराएं बढ़ाई जाएंगी और कानूनी कार्रवाई भी उसी हिसाब से होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर पुलिस पहले दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने की कोशिश करती है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आज के समय में डायन जैसी बातों पर भरोसा करना उचित नहीं लगता। उनके मुताबिक संभव है कि लड़ाई-झगड़े के दौरान गुस्से में इस तरह के शब्द कहे गए हों लेकिन अभी तक की जांच में मामला मारपीट का ही नजर आ रहा है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि अगर अंजली कुमारी सामने आकर अपने बयान में डायन बताकर प्रताड़ित करने जैसी बात रखती हैं और जांच में इसकी पुष्टि होती है तो इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित किया गया हो। इससे पहले भी बाढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला को परिवार के लोगों ने डायन कहकर इतनी बुरी तरह पीटा था कि उसे तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। पटना के गौरीचक इलाके और गया जिले से भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां महिलाओं को अंधविश्वास के नाम पर हिंसा का शिकार बनाया गया यहां तक कि उनकी जान तक ले ली गई। 

चिंता की बात यह है कि ऐसे मामलों को अक्सर सिर्फ मारपीट मानकर दर्ज कर लिया जाता है और अंधविश्वास या डायन बताकर प्रताड़ना जैसे पहलुओं पर गंभीरता से जांच नहीं होती। अगर शुरुआत से ही हर पहलू की गहराई से जांच की जाए तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। खास बात यह है कि अब ऐसी घटनाएं सिर्फ दूर-दराज गांवों तक सीमित नहीं रहीं अब ये शहरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सामने आ रही हैं जो प्रशासन की कार्रवाई और जागरूकता दोनों पर सवाल खड़े करती हैं।

 

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