उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक ऐसा गाँव है जहां सिर्फ यादव समुदाय के लोग रहते हैं। गांव के लोगों का मानना है कि अगर कोई दूसरे समुदाय का व्यक्ति यहां आकर बसता है, तो उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। क्या यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है? या इसके पीछे कोई सामाजिक डर और मानसिकता छिपी हुई है? इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए गांव के लोगों की सोच, इतिहास और उस माहौल को जहां आज भी समुदाय के आधार पर दूरी देखने को मिलती है।
ये भी देखें –
Patna: खेत में मिला 46 वर्षीय युवक का शव, पैसे लूटकर हत्या का आरोप
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’