बांदा जिले के पिपरहरी गांव के किसान राजस्व रिकॉर्ड की तकनीकी गड़बड़ी से परेशान हैं। गांव नरैनी तहसील में होने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में पैलानी तहसील में दर्ज दिख रहा है। इस वजह से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री, किसान पंजीकरण और कई सरकारी योजनाओं का लाभ अटक गया है। किसानों को मंडियों में उपज बेचने, खाद-बीज अनुदान और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी सुविधाओं में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द रिकॉर्ड सुधारने की मांग की है।
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