खबर लहरिया Blog सड़को में ब्रेकर न होने से महीने भर में हुई तीन घटनाएं

सड़को में ब्रेकर न होने से महीने भर में हुई तीन घटनाएं

बाँदा से कानपुर जाने वाली सड़क पर दोहतरा गाँव के पास ब्रेकर न होने से आये दिन दुर्घटना हो रही है। यहाँ के लोगों की अपील है कि वहाँ जल्द से जल्द ब्रेकर बनवाया जाये। अक्टूबर महीने में तीन अलग-अलग घटनाओ से लोगों में आक्रोश है।

बाँदा ‌से कानपुर की जाने वाली रोड जानलेवा बनती जा रही है। इस रोड में आए दिन घटनाएं हो रही हैं। सरकार तो गड्ढा मुक्त सड़क की बात करती है पर इन घटनाओं पर सरकार क्यों नहीं ध्यान दे रही है? अभी हाल ही की घटना की बात करें तो 12 अक्टूबर को मजदूरी करके वापस लौट रही वृद्ध महिला ने दोहतरा के पास पानी पीने के लिए रोड पार करने लगी तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रक ने उस महिला को कुचल दिया जिसमें उसकी मौत हो गई।

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5 गायों को ट्रक ने कुचला, चार की मौत

दूसरा मामला 14 अक्टूबर का है। तेज रफ्तार से बांदा की ओर से कानपुर की ओर के लिए जा रहा ट्रक दोहतरा गाँव के पास 5 गायों को कुचलते हुए फरार हो गया। चार गाय की मौके पर ही मौत हो गई एक भूख प्यास से और घायल अवस्था में तड़प रही हैं पर मौके पर देखने वाला कोई नहीं था। ऐसे में सरकार क्या सफाई देना चाहेगी? जो गौशाला के नाम पर पैसे डकार रही है और अन्ना जानवर सड़क पर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। आखिर क्यों नहीं अन्ना जानवरों को गौशाला में पहुंचाया जाता? क्यों इसकी जिम्मेदारी गाँव का प्रधान या गौरक्षा के नाम पर ढिढोरा पीटने वाले लोग लेते हैं।

दो भाई और बहन हुए दुर्घटना में घायल

तीसरी घटना भी इसी सड़क की है। दो लड़के अपनी बहन को ससुराल छोड़ने जा रहे थे जैसे पलरा के बीच में पहुंचे वहां पर सड़क में इतना बड़ा गड्ढा खाई जैसे बन चुका है जो उनके लिए हादसा बन गया। सड़क में बने गड्ढे में उनकी गाड़ी टकरा गई और दोनों लड़के गिरकर बुरी तरह से घायल हो गए और उसकी बहन भी घायल हो गई। मौके पर भीड़ तो बहुत लगी थी लेकिन किसी ने अधिकारी को सूचना नहीं दिया था।

जैसे ही खबर लहरिया की पत्रकार शिवदेवी इस घटना को देखी तो उन्होंने तुरंत चिल्ला थाना को सूचित किया और 108 नंबर एंबुलेंस को फोन किया। मौके पर एम्बुलेंस पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल ले गए और वहां भर्ती कराया। मौके पर चिल्ला थाना प्रभारी भी मरीजों को देखने पहुंचे थे। ये तीन घटनाएं सिर्फ एक उदाहरण हैं इस हाईवे पर आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार को इस सड़क के बारे में सोचना चाहिए और जल्द से जल्द गड्ढा मुक्त कराया जाना चाहिए। इस सड़क को बनवाने में जिन कर्मचारियों ने खाना पूर्ति की है उन्हें भी तलब करके जवाबदेही लेनी चाहिए।

इस मामले में दोहतरा ग्राम पंचायत प्रधान संतराम का कहना है कि रात में ही तड़फती गायों के इलाज़ के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को फोन किया था उनके द्वारा मलमपट्टी करा दी गई है। देख भाल, खाना पानी के लिए एक कर्मचारी लगा दिया जाएगा वह देखभाल करता रहेगा।

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दुर्घटना से बचने के लिए बनाया जाये ब्रेकर

ग्रामीण रामचंद्र का कहना है कि जो यहां आए दिन घटनाएं होती हैं उसके लिए सरकार से निवेदन है कि हर जगह सड़को पर ब्रेकर बनवाया जाये जिससे लोगों की जो घटनाएं होती हैं शायद रुक जाएं। इसी तरह इंद्रजीत ने कहा है कि इतनी बड़ी घटना जानवरों के साथ हुई है किसी जानवर के पैर टूटे हुए हैं तो कोई पानी नहीं पी रहा है। सरकार से निवेदन है कि जानवरों के लिए सुविधा कराये ताकि इस तरह से उन्हें तड़फना न पड़े।

शासन करे जल्द व्यवस्था

लोगों के अनुसार इस तरह हो रही घटनाओं में ट्रक चालकों की भी बहुत लापरवाही है। आंधी की स्पीड से आकर जानवरों को कुचलकर निकल जाते हैं। हर ग्राम पंचायत में सरकार ने गोवंश के लिए व्यवस्था करने के लिए फंड भेजा है। तो इस गाँव में गौशाला क्यों नहीं बनवाई गई? और वहां पर गोवंश के लिए व्यवस्था की जाए। अभी इस तरह के हाल हैं ना तो वहां गोशाला है न खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। जब तक व्यवस्था नहीं होगी अन्ना जानवर और लोग भी दुर्घटना के शिकार होते रहेंगे। इसलिए यहाँ की प्रशासन को जल्द से जल्द व्यवस्था शुरू करनी चाहिए।

ब्रेकर बनवाने का नहीं है आदेश- अधिकारी

अशोक कुमार सिंह जेई पीडब्ल्यूडी खंड 2 का कहना है कि ब्रेकर बनवाने का सरकार से आदेश नहीं है इसलिए ब्रेकर किसी हाईवे रोड में नहीं बनवाया जा रहा है। अगर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो यह जानबूझकर लोग करते हैं। सावधानी से चलना चाहिए।

इस खबर की रिपोर्टिंग शिव देवी द्वारा की गयी है।

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