यूपी में कल 5 मई को कई जिलों में तेज बारिश और आंधी तूफान ने तबाही मचा दी। चित्रकूट जिले में भी इसका असर देखने को मिला। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जन जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। खासकर पहाड़ी इलाकों में हालात ज्यादा खराब रहे। कर्वी से पहाड़ी तक का रास्ता घंटों बंद रहा और आवागमन ठप हो गया।
रिपोर्ट – नाज़नी, लेखन – सुचित्रा
तेज बारिश से सड़कें बंद, बिजली गुल
तूफान के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते बाधित हो गए। तेज हवाओं के चलते बिजली के खंभे और तार भी टूट गए, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में रात से ही बिजली आपूर्ति बंद है। नई दुनिया इलाके और पहाड़ी रोड पर कई बिजली के खंभे गिरने की जानकारी सामने आई है।
स्कूल की दीवार गिरी, बड़ा हादसा टला
लोढवारा स्थित एक कम्पोजिट विद्यालय की बाउंड्री वॉल तूफान के दौरान गिर गई। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आराधना सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिलने के बाद वे रात करीब 8 बजे मौके पर पहुंचीं। उस समय हल्की बारिश हो रही थी फिर भी उन्होंने स्कूल परिसर की जांच की और स्थिति को संभाला।
उन्होंने बताया कि दीवार बाहर की ओर गिरी थी जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अगर यह घटना दिन में होती जब बच्चे स्कूल में मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल मलबा हटवा दिया गया है और 3–4 दिनों में बाउंड्री दोबारा बनवाने की तैयारी है।
बिजली संकट से बढ़ी परेशानी
इस दौरान कई घरों की बिजली काट दी गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। बिजली गुल होने का असर आम लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखा। खासकर ई-रिक्शा चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोढवारा से कर्वी तक ई-रिक्शा चलाने वाले रफीक ने बताया कि बिजली न होने की वजह से वे अपना रिक्शा चार्ज नहीं कर पाए। मजबूरी में वे सिर्फ पहचान के लोगों को ही थोड़ी दूरी तक छोड़ पा रहे थे। इससे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश
कर्वी से पहाड़ी मार्ग पर करीब 10 पेड़ गिरने की सूचना है जिन्हें हटाने का काम अब तक भी जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन पूरी तरह से स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
बदलता मौसम जहां राहत लेकर आता है वहीं बड़ी चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। गर्मी से मिली राहत के बीच लोगों को भारी नुकसान और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’
If you want to support our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our premium product KL Hatke

