2023 के बाद से परिवार और उनसे संबंधित कंपनियों ने कम से कम 137 प्लांट खरीदे जिनका कुल क्षेत्रफल 168 एकड़ बताया गया। ये जमीनें ऐसे क्षेत्रों में स्थित है जहां विकास कार्यों और बढ़ते निवेश के कारण जमीनों की क़ीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है।
मध्य प्रदेश का उज्जैन एक धार्मिक जगह के नाम से जाना जाता है और देश भर से लाखों लोग उज्जैन घूमने आते हैं। धार्मिक पर्यटन में बढ़ोत्तरी के साथ यहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं जिससे शहर के रियल स्टेट, होटल और अन्य कारोबारी क्षेत्रों में विकास देखा जा सकता है। शहर के विस्तार और बढ़ती जमीन की क़ीमतों ने उज्जैन को मध्य प्रदेश के सबसे तेजी से उभरते शहरों में शामिल कर दिया है।
इसी बीच अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस द्वारा अपनी एक पड़ताल के साथ रिपोर्ट में दावा किया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार से जुड़े लोगों ने भी उज्जैन में बड़े पैमानों पर संपत्तियों में निवेश किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2023 में मोहन यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी रियल स्टेट कंपनियों द्वारा शहर के विभिन्न इलाकों में जमीन खरीदी गई।
रिपोर्ट के अनुसार इन निवेशों में उनके भाई, बहन, चहेरे भाई-बहन और अन्य करीबी रेशतेदार शामिल हैं। 2023 के बाद से परिवार और उनसे संबंधित कंपनियों ने कम से कम 137 प्लांट खरीदे जिनका कुल क्षेत्रफल 168 एकड़ बताया गया। ये जमीनें ऐसे क्षेत्रों में स्थित है जहां विकास कार्यों और बढ़ते निवेश के कारण जमीनों की क़ीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ख़रीदी गई कुछ संपत्तियों को बाद में बेचा भी गया है। हालाँकि अख़बार ने स्पष्ट किया है कि उसकी पड़ताल में वर्ष 2026 के दौरान हुई ख़रीदी-फरोख़्त को शामिल नहीं किया गया है।
जमीन खरीदने और बेचने का अधिकार
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट में लगाए गए दावों पर इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए मोहन यादव के चचेरे भाई अनंत यादव ने कहा है कि उनके परिवार का रियल एस्टेट कारोबार नया नहीं है। परिवार वर्ष 2010 से इस क्षेत्र में सक्रिय है। उनके मुताबिक पिता ने करीब 100 बीघा ज़मीन पर रियल स्टेट परियोजना विकसित की थी और तब से परिवार इस इस व्यवसाय से जुड़ा है। परिवार के सदस्यों द्वारा जमीन खरीदना और बेचना पूरी तरह से क़ानूनी और निजी निवेश का हिस्सा है। अन्य नागरिकों की तरह उन्हें भी निजी व्यक्ति के रूप में संपत्ति बेचने और खरीदने का अधिकार है।
कब और किसके द्वारा खरीदे गए प्लॉट
रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के दौरान 137 प्लॉट ख़रीदे जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 168 एकड़ है। वहीं 2021 से 2023 के बीच 57 प्लॉट खरीदे गए थे जो लगभग 86 एकड़ में फैले हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े लोगों के पास कुल 245 प्लॉट हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 335 एकड़ है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की पत्नी, बेटे और बहू के नाम पर भी जमीनें दर्ज बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकांश जमीनें उज्जैन और आसपास के उस क्षेत्र में स्थिति है जहां नई सड़क योजना प्रस्तावित है। या जिन्हें उज्जैन मास्टर प्लान 2025 के तहत कृषि भूमि से आवासीय और व्यवसायिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है।
विपक्षों ने केस तंज
PTI द्वारा जारी किया गया एक वीडियो में इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि “राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी में भाजपा शामिल है और महाकाल की छोड़ी गई जमीन के मामले में भी पार्टी की संलिप्तता है। मोदी जी ने उन्हें खुली छूट दे रखी है।13 दिसंबर 2023 को मोहन यादव मुख्यमंत्री बने। 2021 और 2023 के बीच, उनके परिवार के करीबी रिश्तेदारों ने कथित तौर पर लगभग 194 भूखंडों में फैली लगभग 253 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। इसका मतलब है कि 2021 और 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री बनने के समय के बीच उनकी जमीनों में भारी वृद्धि हुई। यह कैसे हुआ? कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के अनुसार परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 भूखंडों में फैली 335 एकड़ जमीन है।”
VIDEO | Bhopal: Addressing a press conference, Madhya Pradesh Congress president Jitu Patwari, says, “BJP is involved in the alleged theft of Ram Temple donations, and the party is also involved in the matter of Mahakal land left. Modi ji has given a free hand… On December 13,… pic.twitter.com/B8bUPF9gB7
— Press Trust of India (@PTI_News) June 23, 2026
भ्रष्टाचारी मुख्यमंत्री pic.twitter.com/tfnT8eDN3D
— Congress (@INCIndia) June 23, 2026
सपा नेता अखिलेश यादव द्वारा इस पर कहा गया कि “भाजपा ने मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश रची है। अगर ये आरोप मोहन यादव पर हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 300-600 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है। यह कोई नई बात नहीं है। वे पहले रियल एस्टेट का कारोबार करते थे। क्या भाजपा को यह पता नहीं है? ये आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि भाजपा तीन मुख्यमंत्रियों को बदलने का रास्ता तलाश रही है। वे मुख्यमंत्रियों को बदलना चाहते हैं, इसलिए आरोप लगा रहे हैं।वे मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना चाहते हैं। वे इन दोनों को इसलिए हटा रहे हैं क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना चाहते हैं। यह उन्हें हटाने की साजिश है।उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि इस बार चक्र इतनी तेजी से घूमेगा कि मुख्यमंत्री अपने आप ही हट जाएंगे।”
#WATCH | Lucknow | On allegations of mass land acquisition by MP CM Mohan Yadav’s family, SP chief Akhilesh Yadav says, ” The BJP has hatched a conspiracy to defame Mohan Yadav. If these allegations are against Mohan Yadav, then the Chief Minister of Uttar Pradesh has acquired… pic.twitter.com/y5uywlMHiX
— ANI (@ANI) June 24, 2026
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