24 जून 2026 जून को वेनेजुएला में आए तेज भूकंप ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। राजधानी कराकस और उत्तरी तटीय क्षेत्रों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है और राहत-बचाव का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
वेनेजुएला देश की राजधानी में कुछ ही सेकंड के अंतराल में दो बार भूकंप आया। यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार इस भूकंप के बाद मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक की आशंका जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और दूसरा भूकंप 7.5 तीव्रता का था। सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़े देश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में हैं, जिनमें ला गुआरिया, अरागुआ, कराबोबो और फाल्कन शामिल हैं। भूकंप से पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा है जिससे वहां एमरजेंसी का एलान कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है। इस भूकंप के बाद अब तक की जानकारी के अनुसार 35 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई जिसमें से 700 घायल हैं।
इसी बीच वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रीय डेल्सी रोड्रिगेज के द्वारा देश में आपातकालीन लागू करने की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान गिरफ्तारी के बाद से डेल्सी रोड्रिगेज जनवरी से देश का नेतृत्व कर रही हैं।
इस भूकंप का कारण यह बताया जा रहा है कि वेनेजुएला उस इलाके में स्थिति है जहां भूकंप का खतरा सबसे ज़्यादा रहता है। यहां दो टेक्टोनिक प्लेटें हैं पहला कैरीबियन प्लेट दूसरा अमेरिकन प्लेट इन दोनों प्लेटों की आपस में मिल जाती है।
भूकंप के बाद राष्ट्रपति द्वारा सरकारी टेलिविजन के माध्यम से देश को संबोधित किया है और मृतकों के परिजन के प्रति संवेदना जताई। सरकार के ओर से बताया गया है कि भूकंप से प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाएँ, राहत सामग्री और बचाव दल लागतर पहुँचाए जाए रहे हैं। इसी बीच राजधानी कराकस के पास स्थित माइक्वेटिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भूकंप से हुए नुक़सान के कारण अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर अपनी एक्स अकाउंट द्वारा प्रतिक्रिया दी है लिखा है “वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं अत्यंत दुखी हूँ। भारत की ओर से, मैं वेनेजुएला सरकार और वहाँ की जनता, विशेषकर उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।”
Deeply saddened by the devastation caused by the severe earthquakes in Venezuela.
On behalf of the people of India, I extend our heartfelt condolences to the Government and people of Venezuela, especially to the families who have lost their loved ones. We pray for the speedy…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है “अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह तैयार, इच्छुक और सक्षम है। मैंने अपनी सरकार की सभी एजेंसियों को तुरंत तैयारी करने का निर्देश दिया है। हम अपने नए और अच्छे दोस्तों के साथ खड़े रहेंगे। शुरुआती रिपोर्ट अच्छी नहीं हैं।”
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मदद की बात कही गई, दैनिक भास्कर के रिपोर्ट अनुसार उनके द्वारा कहा गया कि अमेरिका वेनेजुएला में तत्काल खोज बचाव दल भेज रहा है। उनके द्वारा कहा गया है कि इस दुःख के समय में वे उनके साथ हैं।
फिलहाल पूरे देश का ध्यान राहत और बचाव कार्य की ओर है। जैसे-जैसे मलबा हटाया जाएगा और दूर-दराज के क्षेत्रों से जानकारी मिलगी नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जानकरी के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि यह हाल के वर्षों में लैटिन अमेरिका के सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक बन सकती है।
