बांदा जिले के तिंदवारी कस्बे में नगर पंचायत और प्रशासन की ओर से 23 जून 2026 को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे ठेला, गुमठी और अस्थाई दुकानें लगाकर कारोबार करने वाले कई छोटे व्यापारियों के ढाँचे हटाए गए।
रिपोर्ट – शिवदेवी, लेखन – रचना
कार्यवाही के बाद व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि बिना सूचना या जानकारी की इस कार्यवाही से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले बबलू ने बताया कि वह सड़क किनारे ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। अतिक्रमण में उनका ठेला हटा देने के बाद अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में उन्हें जगह नहीं मिल रही है इसलिए नगर पंचायत से मांग है कि छोटे व्यापारियों के लिए ठेला लगाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि उनके परिवार को भुखमरी का सामना न करना पड़े।
व्यापारी रामसेवक ने बताया कि वह पिछले 55 वर्षों से दुकानदारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन के ओर से पहले कोई सूचना या नोटिस नहीं दिया गया और अचानक कार्यवाही शुरू कर दी गई जिससे व्यापारियों को बेच रहे सामानों का नुकसान उठाना पड़ेगा। यदि एक दिन पहले सूचना दे दी जाती तो लोग अपना सामान हटा लेते और नुकसान से बच सकते थे।
कार्यवाही के दौरान कई दुकानों और अस्थाई ढाँचे या झोपड़ी को हटाया गया। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चल रहा उनका कारोबार एक झटके में प्रभावित हो गया। रिपोर्टर शिवदेवी के अनुसार अतिक्रमण के बाद कई लोग अपनी दुकानों की टीन और अन्य सामान समेटते नजर आए। ये भी बताया कि तिंदवारी कस्बे में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में सड़क किनारे सब्जी, समोसे और अन्य सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों पर इस कार्यवाही का सबसे ज़्यादा असर पड़ा।
वहीं एक और व्यापारी फूलचंद ने आरोप लगाया कि पुलिस बल के मौजूदगी में अचानक कार्यवाही की गई जिससे लोगों के मन में डर का माहौल बन गया।जो लोग समय रहते अपनी दुकानें नहीं हटा पाए उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया। कहते हैं “इस कार्यवाही से हम गरीब व्यापारियों कि रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा, यही काम तो हमारा परिवार का सहारा है।”
नीरज नाम के व्यापारी ने एक छोटी गुमटी बनाकर कपड़ों का कारोबार शुरू किया था कार्यवाही के दौरान उनकी गुमटी भी हटवा दी गई जिससे अब उनका व्यवसाय बंद हो गया। इस मामले पर नगर पंचायत अध्यक्ष सुधा साहू ने कार्यवाही का बचाव करते हुए कहा कि यह अभियान शासन के निर्देश पर चलाया जा रहा है। उनके अनुसार सड़क किनारे ठेले और दुकान लगने से आए दिन जाम की स्थिति बनती थी और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। इसी कारण लोगों से सड़क किनारे कारोबार न करने और किसी अन्य स्थान पर अपना व्यवसाय संचालित करने की अपील की जा रही है।


