बांदा शहर में कोचिंग संस्थानों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 23 और 24 जून को अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों ने शहर के कई कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और पुस्तकालयों का निरीक्षण किया।
लेखन – मीरा देवी
जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। 23 जून को चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला और मुख्य अग्निशमन अधिकारी मतलूब हुसैन के साथ शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, भवन सुरक्षा मानक तथा आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की जांच की गई।
मंडलायुक्त ने संस्थान संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिलीं, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए नियमानुसार जुर्माना लगाया गया और निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
इसी क्रम में 24 जून को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) एवं सचिव, बांदा विकास प्राधिकरण, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मैथमेटिक्स बाई अंकित गुप्ता, फिजिक्स बाई इंजी. आदित्य, मैथमेटिक्स बाई आदित्य, इंग्लिश बाई जी.डी. तथा बायोलॉजी बाई अनिल द्विवेदी के कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि इन संस्थानों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार नहीं थे। अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं पाए गए और न ही अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया गया था।
इन कमियों को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने संबंधित कोचिंग संस्थानों को तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की। वहीं एक कोचिंग सेंटर को सील भी कर दिया गया।
इसके अलावा बिजली खेड़ा क्षेत्र में संचालित एक पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वहां भी कुछ कमियां पाई गईं। अधिकारियों ने संचालक को तत्काल कमियां दूर करने अथवा पुस्तकालय बंद करने के निर्देश दिए। पुस्तकालय संचालक ने जल्द ही आवश्यक सुधार कराने का आश्वासन दिया है।
पुलिस की ओर से भी जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। इस दौरान अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया।
मंडलायुक्त ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अग्नि एवं आपदा संबंधी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।
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