उत्तर प्रदेश के नोएडा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में इन दिनों मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर नजर आ रहा है। यह प्रदर्शन आज यानी 13 अप्रैल 2026 को और उग्र हो गया है। अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर खासतौर पर ऑपरेटर, लोडर और अन्य छोटे पदों पर काम करने वाले लोग वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – रचना
यह विरोध 11 मई से शुरू हुआ और धीरे-धीरे कई कंपनियों के कर्मचारी इसमें शामिल होते चले गए। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच उनका मौजूदा वेतन गुजारा करने के लिए काफी नहीं है इसलिए वेतन बढ़ोतरी जरूरी है।
ग्रेटर नोएडा के फेज-2 इलाके में यह प्रदर्शन और ज्यादा तेज हो गया है जहां कई जगहों पर हालात तनावपूर्ण भी हो गए। कुछ जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो भी गया है जिसमें गाड़ियों में तोड़फोड़, आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं हैं। मदरसन कंपनी के पास पुलिस की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया गया और उसे पलटने की कोशिश की गई। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ है।
#WATCH | Uttar Pradesh: Vehicles and properties vandalised and stones pelted in Phase 2 of Noida where a large number of employees of a company gathered in protest over their demands for a salary increment. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control.… pic.twitter.com/1B0axJZSBN
— ANI (@ANI) April 13, 2026
फिलहाल पुलिस स्थिति को संभालने में लगी है लेकिन मजदूरों का प्रदर्शन जारी है। मजदूरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
लोगों ने कहा वेतन कम
मंजू नाम की एक महिला जो उत्तराखंड से दिल्ली काम करने आई हैं उन्होंने बताया कि वह पिछले 6 साल से एक ट्रांसमिशन कंपनी में ऑपरेटर के तौर पर काम कर रही हैं लेकिन आज भी उनकी सैलरी सिर्फ 12,500 रुपये है जो उनके काम को देखते हुए कम है। उनका कहना है कि 1 अप्रैल से सरकार ने जो नया वेतन नियम लागू किया है उसके हिसाब से उन्हें ज्यादा सैलरी मिलनी चाहिए। महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन उनकी तनख्वाह में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
एक और महिला मज़दूर आँचल गौतम ने भी अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि सिलेंडर महंगे होने के बाद कंपनी ने कैंटीन में मिलने वाला खाना भी कम कर दिया है। अब उन्हें सिर्फ 4 रोटियां दी जाती हैं जो पेट भरने के लिए काफी नहीं हैं। उनका सवाल है कि जब सरकार ने वेतन बढ़ाने की बात कही है तो कंपनियां उसे लागू क्यों नहीं कर रहीं।
वहीं विरोध प्रदर्शन कर रही श्रमिकों में से धर्मेंद्र का कहना है कि उनसे रोज ओवरटाइम काम कराया जाता है लेकिन उसका सही पैसा नहीं दिया जाता। नियम के मुताबिक ओवरटाइम का दुगुना भुगतान होना चाहिए लेकिन उन्हें नहीं मिलता। उन्होंने साफ कहा कि “जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी। उनका यह भी कहना है कि इस आंदोलन का कोई एक नेता नहीं है सभी मजदूर मिलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और हजारों लोग इसमें शामिल हैं।”
इसी के साथ एक और मज़दूर देवेंद्र बताते हैं कि वे घर-परिवार छोड़कर दूसरे शहर कमाने आए हैं ताकि कुछ पैसे बचा सकें लेकिन 12,500 रुपये की सैलरी में से 5,000 रुपये तो किराए में ही चले जाते हैं। बाकी में राशन, खर्च और अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उधार लेकर इलाज कराना पड़ता है। उनका कहना है कि काम तो उनसे पूरी मेहनत से कराया जाता है लेकिन जब सैलरी की बात आती है तो उनके हाथ कुछ नहीं लगता।
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मज़दूरों का प्रदर्शन क्यों बढ़ा?
11 मई से फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग ये है कि वेतन बढ़ाया जाए और काम करने की हालत को सुधारी जाए। इस आंदोलन की एक बड़ी वजह हरियाणा सरकार का हालिया फैसला भी है जिसमें अकुशल मजदूरों की न्यूनतम सैलरी करीब 11,274 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दी गई है। इसी तरह अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल मजदूरों के वेतन में भी करीब 35% तक बढ़ोतरी की गई है।
नोएडा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले मजदूर अब उत्तर प्रदेश सरकार से भी ऐसी ही बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब हरियाणा में उसी तरह का काम करने वाले मजदूरों को ज्यादा सैलरी मिल रही है तो उन्हें कम पैसे क्यों दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही मजदूर काम की खराब परिस्थितियों, साप्ताहिक छुट्टी न मिलने और शिकायत सुनने के सही सिस्टम के न होने जैसे मुद्दे भी उठा रहे हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक इन समस्याओं का हल नहीं निकलेगा उनका विरोध जारी रहेगा।
यातायात अलर्ट/डायवर्जन
यातायात हेल्पलाइन नं–9971009001 pic.twitter.com/euajZsTFsl— Noida Traffic Police (@Noidatraffic) April 13, 2026
पीटीआई के मुताबिक प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सभी अहम जगहों पर पर्याप्त जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हालत में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने नहीं दी जाएगी।
कहां सबसे ज्यादा असर दिख रहा है?
नोएडा के फेज-2 इलाके में यह आंदोलन सबसे ज्यादा असर दिखा रहा है खासकर होजरी कॉम्प्लेक्स में जहां 100 से ज्यादा कंपनियां चल रही हैं। इसके अलावा ईकोटेक-3 के औद्योगिक विहार क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां हैं और वहीं से काफी मजदूर इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
अगर दोनों इलाकों को मिलाकर देखा जाए तो करीब 500 से ज्यादा कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी तरह इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि यह विरोध अब छोटा नहीं रहा बल्कि बड़े स्तर पर फैलता नजर आ रहा है।
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प्रदर्शन के बीच सीएम योगी के निर्देश
इस स्थिति को देखते हुए आज 13 अप्रैल 2026 योगी आदित्यनाथ द्वारा तुरंत बैठक बुलाई गई। मजदूरों के चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हर श्रमिक को ठीक और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए साथ ही उनके लिए सुरक्षित काम का माहौल और जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
सीएम ने यह भी कहा कि सभी फैक्ट्रियां और औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करें और मजदूरों की शिकायतों का जल्दी समाधान करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी औद्योगिक प्राधिकरण 24 घंटे के अंदर उद्योग से जुड़े लोगों और कंपनियों से सीधे बात करें ताकि हालात को समझकर समाधान निकाला जा सके।
इसके अलावा श्रम विभाग को स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। सीएम ने यह भी चेतावनी दी कि मजदूरों के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही किसी भी भड़काऊ गतिविधि और नक्सल जैसी सोच को बढ़ावा देने की कोशिशों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मजदूरों की मुख्य मांगें –
#WATCH | Laxmi, one of the protesters, says, “I work at Motherson. They are paying us less salary. We want more. When we staged a sit-in protest, they beat us up with no fault of ours. Cylinders, vegetables and everything are expensive…We were beaten up when we protested today.… https://t.co/Vrlihfk4bT pic.twitter.com/Bv4h86o0cp
— ANI (@ANI) April 13, 2026
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करने वाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मज़दूरों का शोषण। भाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन श्रमिकों-मज़दूरों के वेतन के लिए इनके एटीएम खाली हैं। बेतहाशा महंगाई के इस दौर में कम वेतन में घर चलाना कितना मुश्किल है, ये एक परिवार वाला ही समझ सकता है।”
नोएडा में वेतन बढ़ाने को लेकर उग्र हुए आंदोलन का कारण भाजपा सरकार की वो एकतरफ़ा नीति है जो पूंजीपतियों का पोषण करती है लेकिन सामान्य काम करनेवाले कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों-मज़दूरों का शोषण।
भाजपाई चंदादायी पूँजीपतियों के एटीएम में तो पैसे भरते जा रहे हैं, लेकिन… pic.twitter.com/4fPNICZnVB
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 13, 2026
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