मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कछियाना मोहल्ला वार्ड नंबर 15 में लगा ट्रांसफार्मर पिछले तीन साल से खुला पड़ा है। ट्रांसफार्मर खुला रहने की वजह से वहां के लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस खुले ट्रांसफार्मर के कारण बड़े-बड़े हादसे हो जाते हैं और सड़क पर भी करंट आ जाता है।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – रचना
लोग उस रास्ते पर चलने से बचते हैं। बारिश होने पर पूरी सड़क पर करंट रहने का खतरा बना रहता है जिसकी वजह से आवागमन प्रभावित हो जाता है।
जानकारी के मुताबिक कछियाना मोहल्ला वार्ड नंबर 15 में रहने वाली लक्ष्मी कुशवाहा ने बताया कि वे यहां पिछले 20 सालों से रह रही हैं। पहले यहाँ जो ट्रांसफार्मर लगा था वह बंद पड़ा हुआ था। फिर एक दिन ट्रांसफार्मर जल गया जिसके बाद से नया ट्रांसफार्मर लगाया तो गया लेकिन ट्रांसफार्मर में ढक्कन नहीं लगाया गया जिसकी वजह से वह ट्रांसफार्मर खुला पड़ा हुआ है। ट्रांसफार्मर खुला होने की वजह से आसपास के लोगों को काफी समस्याएँ हो रही हैं।
उन्होंने अपने साथ घटित एक घटना बताया कि कुछ दिन पहले ही वह अपनी बकरी को चराने जा रही थीं और उसी रास्ते में बकरी ट्रांसफार्मर के करीब से गुजरी। उनकी बकरी को अचानक करंट लग गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने शिकायत भी की लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया था तो विधुत विभाग वाले उसे सुधारने आ गए लेकिन उसमें ढक्कन नहीं लगा पाए। यह इतनी बड़ी लापरवाही है कि लोग वहां खड़े होने से भी डरते हैं क्यों कि अचानक इतनी तेज स्पार्किंग होती है कि सीधे करंट लग सकता है। उनका कहना है कि “हम लोग चाहते हैं कि इस खतरे की जगह पर ट्रांसफार्मर पर ढक्कन लग जाए ताकि किसी का नुक़सान न हो। अब हमारी बकरी तो मर गई उसका ज़िम्मेदार कौन है? हम लोगों ने अपना नुक़सान खुद ही सहा। हमारे घर में एक ही बकरी थी।”
कछियाना मोहल्ला वार्ड नंबर 15 की ही रहने वाली संजना कुशवाहा ने भी बताया कि जहां ट्रांसफार्मर लगा है वहां से वह रोज अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हैं। उन्हें हमेशा यही डर रहता है कि करंट न लगे लेकिन इसके बावजूद वहां से निकलना ही पड़ता है। लोग सूखी चप्पल पहनकर उस रास्ते से निकलते हैं। वे कहती हैं कभी कभी बारिश हो या मौसम हो तो वे अपने बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजती हैं। “हमने अपने वार्ड के पार्षद और बाकी सदस्य से शिकायत की थी उन्होंने कहा था ठीक कर दिया जाएगा लेकिन आज तक कोई देखने भी नहीं आया है। हम लोग विधुत विभाग भी शिकायत लेकर गए थे, कई लोग इकट्ठा होकर पहुंचे थे लेकिन वहां सिर्फ आश्वासन ही मिला कि ठीक हो जाएगा। जबकि आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।”
जानकारी के मुताबिक कभी कभी इतना तेज वोल्टेज आता है कि ट्रांसफार्मर में आग लग जाती है। उसी मोहल्ले की रामकली ने बताया कि एक हफ़्ते पहले तेज बारिश हुई थी वे वहां से गुजर रही थीं और उन्होंने देखा कि कुछ आवारा जानवर (गाय) झगड़ा करते हुए उधर चले गए और उन सभी जानवरों को करंट लग गया। उन्होंने लोगों को बुलाया और डंडे की मदद से करंट से गायों को छुड़वाया। उनका कहना है कि यहां पर एक स्कूल भी है। बच्चों को काफी डर बना रहता है। यह बाईपास रोड है और रोज हजारों की संख्या में लोग यहां से गुजरते हैं लेकिन शासन-प्रशासन को यह दिखाई नहीं दे रहा। अगर इसमें ढक्कन लग जाए तो इस तरह की दिक्कतें नहीं होंगी।
कछियाना मोहल्ला वार्ड नंबर 15 के पार्षद नफीस खान से मिली जानकारी के अनुसार ट्रांसफार्मर खराब हो गया था जिसकी शिकायत विधुत विभाग से की गई थी जिसके बाद ट्रांसफार्मर बदल दिया गया था लेकिन उसमें ढक्कन नहीं लगाया गया था। “मैंने भी कई प्रस्ताव दिए हैं लेकिन विभाग के लोग सुन ही नहीं रहे हैं। हम फिर से प्रस्ताव देंगे क्योंकि हमारे यहां लोगों को वाक़ई में समस्या है। अगर किसी के साथ कुछ दुर्घटना होती है तो उसका ज़िम्मेदार प्रशासन होगा। मैं जल्द ही इसका प्रस्ताव वापस डालूँगा।”
वहीं विधुत विभाग के अधिकारी कार्यपालन मंत्री अमर श्रिवास का कहना है कि उनके संज्ञान तक यह जानकारी पहुंची ही नहीं है। वहां का ट्रांसफार्मर जलने पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया था और उसमें ढक्कन भी लगवाया गया था। उन्होंने कहा कि पत्रकार अलीमा (खबर लहरिया) के द्वारा यह जानकारी उन तक पहुंची है। उनका कहना है कि उनके पास कोई शिकायत भी नहीं गई है। “यह वाक़ई खतरे की बात है मैं जल्द से जल्द कोशिश करता हूं कि वहां पर ढक्कन लगाए जाए जिससे लोगों को दिक्कत न हो। हो सकता है कि इसी हफ़्ते वहां पर ट्रांसफार्मर का नया ढक्कन लग जाए।”
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