खबर लहरिया Hindi महतारी वंदन योजना: सत्यापन में 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटे, जानिए योजना क्या है और इसका महिलाओं पर असर

महतारी वंदन योजना: सत्यापन में 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटे, जानिए योजना क्या है और इसका महिलाओं पर असर

                                    

छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की पात्रता जांच और दस्तावेज सत्यापन के दौरान अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं। सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई अपात्र लाभार्थियों को हटाने और योजना का लाभ सही महिलाओं तक पहुंचाने के लिए की गई है। इससे पहले महाराष्ट्र से भी इसी तरह की खबर आई थी। महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री ‘माझी लाडली बहिन योजना’ में जांच और सत्यापन के बाद करीब  92 लाख  लाभार्थियों (महिलाओं) के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। 

(फोटो साभार: AI)

महतारी वंदन योजना से लाभार्थियों को हटाने का कारण 

दैनिक भास्कर की 17 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार सत्यापन के दौरान कई कारण सामने आए, जिनमें कुछ महिलाओं की मृत्यु हो जाना, दूसरे राज्यों में स्थानांतरण, उम्र संबंधी पात्रता में बदलाव, दस्तावेजों में कमी और गलत जानकारी के आधार पर आवेदन शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में हटाए गए, जहां करीब 12,043 महिलाओं के नाम सूची से बाहर किए गए। वहीं बीजापुर जिले में सत्यापन के बाद करीब 2,597 नई पात्र महिलाओं के नाम जुड़े हैं।

क्या है महतारी वंदन योजना?

महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महिला सहायता योजना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की राशि दी जाती है। यह राशि सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता और आत्मनिर्भरता में मदद मिलती है। यह राशि महिलाओं की छोटी-बड़ी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य खर्च, घरेलू जरूरतों और व्यक्तिगत खर्चों में मददगार साबित होती है।

इसका उद्देश्य राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद करना है।

महतारी वंदन योजना कब शुरू हुई?

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना वर्ष 2024 में शुरू की गई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों के बाद राज्य सरकार ने इस योजना को लागू किया। योजना पूरे छत्तीसगढ़ राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की गई, जिसमें पात्र महिलाओं को सीधे बैंक खाते के माध्यम से सहायता राशि दी जाती है।

महतारी वंदन योजना का लाभ के लिए पात्रता

1. विवाहित महिला, जो छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी हो।

2. आवेदन के कैलेंडर वर्ष अर्थात् जिस वर्ष आवेदन किया जा रहा है, उस वर्ष की 01 जनवरी को विवाहित महिला की आयु 21 वर्ष से कम न हो।

3. विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होगी।

योजना में नाम कटने की जरूरत क्यों पड़ी?

किसी भी सरकारी योजना में समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहायता सही लोगों तक पहुंच रही है। महतारी वंदन योजना में भी जांच के दौरान कई ऐसे नाम सामने आए जो नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे।

साल 2024 में योजना उस समय विवादों में आई थी, जब सनी लियोनी के नाम से फर्जी तरीके से योजना की राशि जारी होने का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि गलत दस्तावेजों के जरिए आवेदन किया गया था। इसके बाद सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया को और तेज कर दिया।

महाराष्ट्र में ‘माझी लाडली बहिन योजना’ में भी हटाए गए नाम 

महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री ‘माझी लाडली बहिन योजना’ में बड़े स्तर पर जांच और सत्यापन के बाद करीब  92  लाख  लाभार्थियों (महिलाओं) के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसका मतलब अब महिलाओं को हर महीने सहायता राशि 1,500 रुपए नहीं मिलेगी। पहले इस योजना का लाभ करीब 2.43 करोड़ महिलाएं ले रही थीं लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 1.5 कारोड़ रह गई है। यानी सत्यापन के दौरान करीब  38% लाभार्थियों को आपात्र पाया गया या उन्होंने योजना की जरुरी शर्तें पूरी नहीं की। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले सरकार ने करीब 80 लाख नाम हटाने की बात कही थी लेकिन जांच पूरी होने के बाद यह संख्या 92  लाख तक पहुंच गई।  

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नाम हटने से महिलाओं पर क्या असर पड़ता है?

किसी महिला का नाम किसी सरकारी सहायता योजना से हटना उसके लिए आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से असर डाल सकता है। क्योंकि जो महिलाऐं सिर्फ घर के काम करती हैं उन्हें पैसों और अपनी जरूरत के सामान के लिए पति पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यदि सरकार द्वारा मिल रही आर्थिक सहायता का मिलना बंद हो जाना उन्हें प्रभावित कर सकता है जैसे -राशि बंद होने से दवा, बच्चों की जरूरतें, घरेलू सामान या अन्य जरूरी खर्चों को संभालना मुश्किल हो सकता है।

अगर किसी पात्र महिला का नाम गलती से हट जाता है तो उसे चिंता होती है कि उसे दोबारा योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। कई बार जानकारी की कमी के कारण महिलाएं दावा या दोबारा आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाती हैं।

अगर गलती से नाम हट गया हो, तो क्या करें?

अधिकारियों के अनुसार, जिन महिलाओं का नाम गलती से हट गया है या जो पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें अपने दस्तावेज़ और पात्रता से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  • महतारी वंदन योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
  • पोर्टल पर दावा/आपत्ति या संबंधित आवेदन विकल्प चुनें।
  • अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापन करें।
  • दावा/आपत्ति फॉर्म में अपनी जानकारी भरें।
  • पात्रता साबित करने वाले जरूरी दस्तावेज लगाएं।
  • आवेदन जमा करने के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना प्राप्त होगी।

 

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