छतरपुर और पन्ना जिले के केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा अन्य बांध परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी परिवार पिछले 14 दिनों से छतरपुर जिले के बिजावर ब्लॉक की बरार नदी के किनारे आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी परिवारों का कहना है कि उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, कई घर तोड़ दिए गए, लेकिन उन्हें अब तक न तो पूरा मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास के लिए जमीन। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को बहुत कम राशि दी गई, जबकि कई लोगों के मुआवजे और पुनर्वास के मामले अब भी अधूरे हैं। आंदोलन में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। खुले आसमान के नीचे रह रहे ये परिवार वहीं खाना बनाकर अपना जीवन गुजार रहे हैं। आंदोलनकारी यह भी कहते हैं कि मौके पर पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
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