चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 8 जुलाई के दौरे के दौरान कुछ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के घरों में रोका गया या कोतवाली में बैठाया गया और उनका कहना है कि यह सिर्फ एक बार का किस्सा नहीं है परन्तु जब भी कोई बड़े नेता दौरे पर आते हैं तो समाजसेवक और दूसरे राजनैतिक दलों के नेताओं को ऐसे ही हाउस अरेस्ट किया जाता है. पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना पडता है.
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