मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने एक 6 साल के लड़के की जान ले ली। बच्चे की मौत की खबर सुनकर माँ को भी दिल का दौरा पड़ने से मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कल 26 मई 2026 को गर्मी में लू लगने से लड़के की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी।
रिपोर्ट – अलीमा, लेखन – सुचित्रा
इस भीषण गर्मी में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस समय नौतपा भी चालू हो गया है और नौतपा में लोगों का मानना है कि सबसे ज्यादा गर्मी रहती है। ऐसी गर्मी में लोग घर से बाहर निकलने में 100 बार सोचते हैं और इतनी ज्यादा लू चलती है कि बच्चे सबसे ज्यादा बीमार होते हैं। इसी लू लगने की खबर छतरपुर जिले के हरपालपुर क्षेत्र से सामने आई है।
पूरा मामला
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के हरपालपुर गांव में रहने वाली रजिया खातून का 6 साल का बेटा, जिसका नाम हसनैन था। रजिया के भाई मोहम्मद सलीम (30 साल) ने बताया कि उनके 6 साल के भांजे (हसनैन) को 25 मई को करीब 3 बजे लू लग गई थी, जिसके कारण बच्चे को पेट में दर्द और उल्टी-दस्त हो रहे थे। इसको लेकर वे लोग नौगांव अस्पताल गए, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत बिगड़ने पर 26 मई को नौगांव के डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
बच्चे ने रास्ते में ही तोड़ा दम
माँ रजिया खातून अपने 6 साल के बच्चे को एंबुलेंस में लेकर जिला अस्पताल आ रही थीं, लेकिन मां की गोद में ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। जब जिला अस्पताल पहुंची और डॉक्टरों ने देखा तो बताया कि बच्चे की रास्ते में ही मौत हो चुकी थी। मां को यह बात बर्दाश्त नहीं कर पाई और 10 मिनट बाद मां को भी दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी भी मौत हो गई।
जिला अस्पताल में पदस्थ जनरल फिजिशियन डॉ. बद्री पटेल ने बताया कि “6 साल का बच्चा हीट वेव की चपेट में आ गया था जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
भीषण गर्मी में क्या करें और क्या न करें? – डॉक्टर
डॉक्टर ने लोगों से अपील की है कि भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। खासकर छोटे बच्चों को तेज धूप में बिल्कुल भी बाहर न जाने दें। उन्होंने सलाह दी कि धूप से आने के तुरंत बाद पानी न पिएं क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। यदि बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें और सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में जाने से बचें क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
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