खबर लहरिया खेती हाय गर्मी!! क्या हमारी तरह किसानों की फसलें भी कुम्हला रहीं हैं?

हाय गर्मी!! क्या हमारी तरह किसानों की फसलें भी कुम्हला रहीं हैं?

हमीरपुर में बेतवा नदी के किनारे जो किसान सब्जियों की खेती करते हैं उसी की वजह से 4 महीने के सीजन में हरी सब्जी का आनंद मिलता है। इस साल भीषण गर्मी की वजह से उनकी सब्जी खराब होती नजर आ रही है।

वहां के किसानों का कहना है कि खेती करने के लिए खेत को किराए पर लेते हैं। 4 से 6 महीने के लिए। उनका पूरा परिवार 4 से 6 महीने कड़ी मेहनत करता है। तब जाकर खेती अच्छी हो पाती है पिछले साल से इस साल खेती कम अच्छी हो पाई है। इस खेती को करने के लिए मां बाप के साथ बच्चे भी सारे दिन लगे रहते हैं।

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किसानों का कहना है कि नदी के किनारे ही फसल उगाई जा सकती है क्योंकि इस फसल के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। धूप से बचाने के लिए हर 2 दिन या 1 दिन में पानी लगाते हैं जिससे कि उनकी ज्यादा सब्जी पैदा हो और पौधे सूखे नहीं।इस साल गर्मी की वजह से खीरा ककड़ी पैदा नहीं हो पाया है जिससे उनका काफी नुकसान भी हुआ है।

किसानों का कहना है कि कड़ी मेहनत करते हैं चार से छह महीन सब्जी को उगाने में जिससे की उकने साल भर का ख़र्च चल पाए ।लेकिन ऐसा हो नहीं पाता और सीजन खत्म होने के बाद उनको काम ढूंढना पड़ता है आगे के खर्च और फिर से किसानी करने के लिए।

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