जिला महोबा के ब्लॉक जैतपुर के गांव भटेवरा के मजरा सेलाखलसा में जंगली जानवरों का आतंक किसानों की कमर तोड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले हालात इतने खराब नहीं थे, लेकिन अब नीलगाय (वन रोझ) और बनरोझ 20-20 की संख्या में झुंड बनाकर खेतों में घुस जाते हैं और पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं। किसान मन प्यारी, चेतराम और लाल सिंह बताते हैं कि अब हालात ऐसे हैं कि रात-दिन खेत की रखवाली करनी पड़ती है शादी-ब्याह या किसी दुख-सुख में गांव से बाहर जाना मुश्किल हो गया है अरहर और ज्वार जैसी कई फसलें उगाना ही छोड़ दिया गया है सरकार ने अन्ना जानवरों के लिए गौशालाएं तो बनवाई हैं, लेकिन जंगली जानवरों से बचाव का कोई ठोस इंतज़ाम नहीं है। वन विभाग का कहना है कि जंगली जानवरों को मारना कानूनन अपराध है और इसके लिए DFO से अनुमति जरूरी होती है। सवाल ये है कि जब फसल बर्बाद हो रही हो, तो किसान जाए कहां? क्या सरकार और वन विभाग किसानों के लिए कोई स्थायी समाधान निकालेगा?
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