खबर लहरिया Blog पुणे के कोरोना वैक्सीन बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग, हादसे में गयी 5 जान

पुणे के कोरोना वैक्सीन बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग, हादसे में गयी 5 जान

पुणे की सबसे बड़ी दवा निर्माता और कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की इमारत में वीरवार, 21 जनवरी की दोपहर 2:30 बजे आग लग गयी। आग कंपनी की दूसरी साइट मंजरी के पास लगी थी। जिसमें अभी तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है।इससे पहले आग सीरम इंस्टीट्यूट के टर्मिनल गेट 1 के अंदर एसईजेड 3 इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगी थी।

अदार पूनावाला ने कहा : कोविशील्ड के निर्माण में नहीं होगी कमी

सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावला ने कहाहमें तुरंत दुखद खबर मिली है। इस घटना में कुछ लोगों की जानें गई है। हम बेहद दुखी है और पीड़ित परिवार के सदस्यों को हमारी सहानुभूति है।उन्होंने यह भी बताया कि वैक्सीन का उत्पाद होता रहेगा। लेकिन आग लगने की वजह 100 करोड़ रुपयों के उपकरणों का नुकसान हुआ है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “मैं सभी सरकारों और जनता को आश्वस्त करना चाहूंगा कि कोविशील्ड के उत्पादन में कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि कोविशील्ड कई इमारतों में बनाए जा रहे है।

 

हादसे में जान गयी लोगो के परिवार को मिलेगा मुआवजा

सीरम इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक साइरस एस पूनावाला ने फेसबुक और ट्विटर पर एक बयान में कहा कि कंपनी हर परिवार को जिनकी मौत हादसे में हुई उन्हें अनिवार्य राशि के अलावा, 2 करोड़ 50 लाख रुपये का मुआवजा देगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने जताया दुःख

सीरम इंस्टीट्यूट में हुए हादसे पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ” सीरम इंस्टीट्यट में हादसे और जान जानें की खबर दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की घड़ी में मेरी प्रार्थना और सांत्वना पीड़ित परिवारों के साथ है। आग पर काबू पाने के लिए पुणे शहर की पुलिस की तरफ से किए गए प्रयास सराहनीय है।

आग लगने की वजह अभी भी साफ नहीं

घटना के वायरल हुए वीडियो में इमारत से धुआं उठता दिख रहा था। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘परिसर में एक भवन में आग लगी। हमने दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेज दी हैं।अधिकारी ने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। कोविड-19 के राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम के लिएकोविशील्डटीके का निर्माण सीरम संस्थान के मंजरी केन्द्र में ही किया जा रहा है।

वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से यह बताया गया कि शुरुआती जानकारी में यह पता चला है कि पुणे के मंजरी स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग लगने की वजह इलैक्ट्रिक फॉल्ट ( बिजली से जुड़ी समस्या) है। 

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

मिली जानकारी के अनुसार, जिस भवन में आग लगी वह सीरम केन्द्र की निर्माणाधीन साइट का हिस्सा है और कोविशील्ड निर्माण इकाई से एक किलोमीटर दूर है। इसलिए आग लगने से कोविशील्ड के निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार ने आग लगने की जांच के आदेश दे दिए हैं।

पवार ने कहा, “मैंने पुणे नगर निगम से घटना के बारे में जानकारी ली है और इस घटना की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है।उन्होंने कहा कि आग लगने के कारण वहां टीके बनाने की प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्थानीय प्रशासन से आग को काबू में लाने को कहा है। उनके कार्यालय द्वारा किए गए ट्वीट में उन्होंने कहा कि वह पुणे नगर आयुक्त के संपर्क में हैं। 

इस समय कंपनी कोविशील्ड वैक्सीन की लगभग 50-60 मिलियन खुराक का निर्माण कर रही है, जो कि फरवरी के आखिरी या मार्च की शुरुआत तक प्रति माह 100 मिलियन तक हो जाएगी। हालांकि, सीरम कंपनी के सीईओ द्वारा यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि आग लगने की वजह से वैक्सीन के निर्माण में कोई रुकावट नहीं होगी। साथ ही सवाल यह रहेगा कि कंपनी में आग लगना, आगे वैक्सीन के निर्माण में कोई परेशानी खड़ा करती है या नहीं क्योंकि कंपनी को इस दौरान भारी नुकसान भी झेलना पड़ा है।