खबर लहरिया Blog Factory Worker Dies: बंगाल की कोयला खदान और देवास की फैक्ट्री में आग, दोनों हादसे पर मज़दूरों की मौत 

Factory Worker Dies: बंगाल की कोयला खदान और देवास की फैक्ट्री में आग, दोनों हादसे पर मज़दूरों की मौत 

एक तरफ पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कोयला खदान हादसा हुआ तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के देवास में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से पांच मजदूरों की मौत हो गई।

फोटो साभार: प्रभात खबर

गुरुवार 14 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की कुनुस्तोरिया क्षेत्र की परासिया कोयला खदान में बड़ा हादसा हो गया। खदान के सेक्शन-27 में अचानक ‘एयर ब्लास्ट’ हुआ जिसके बाद खदान की एक दीवार का हिस्सा ढह गया। हादसे के समय कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे। विस्फोट का असर इतना तेज था कि मजदूर अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। बताया जा रहा है कि उस समय सेक्शन-27 में करीब 30 खनिक काम कर रहे थे। इस हादसे में 40 से ज्यादा मजदूरों के घायल होने की खबर सामने आई है और देबायन मुंडा नाम के एक मजदूर की मौत हो गई है।

घटना के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और घायलों को रानीगंज के बांसरा अस्पताल और आसनसोल के कल्ला अस्पताल समेत ईसीएल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में कई संविदा मजदूर भी शामिल बताए जा रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसे के बाद मजदूर संगठनों ने ईसीएल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। खनन श्रमिक संगठन सीटू (CITU) के सचिव धर्मदास मंडल ने कहा है कि अगर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ईसीएल अधिकारियों ने भी जांच कराने का आश्वासन दिया है।

घटना का कारण 

टाइम्स नाव नवभारत के रिपोर्ट के अनुसार खनन विशेषज्ञों के मुताबिक खदानों के अंदर धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में कोयले की धूल जमा होने लगती है। जब यह धूल हवा में फैलती है और गैस के संपर्क में आती है तो विस्फोट जैसी स्थिति बन सकती है। इसी वजह से खदानों में धूल और गैस को बाहर निकालने के लिए बड़े पंखे और वेंटिलेशन सिस्टम लगाए जाते हैं। हालांकि इस हादसे में अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि खदान के अंदर जमा धूल और गैस को बाहर निकालने की व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही थी या नहीं।

वहीं मजदूर संगठनों और खनिक यूनियनों ने भी कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खदान में धूल की मात्रा कितनी थी गैस बाहर निकालने की व्यवस्था ठीक थी या नहीं और नियमित सुरक्षा जांच हो रही थी या नहीं इसकी जांच जरूरी है। ईसीएल के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने इस पूरे मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है।

मध्यप्रदेश के देवास के पटाखा फ़ैक्ट्री में आग 

वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार 14 मई 2026 को एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। दैनिक भास्कर की  रिपोर्ट अनुसार हादसे में 20 से ज्यादा मजदूर घायल हो गए जिसमें अब तक पांच मजदूरों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर बताए जा रहे हैं। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित नाम के मज़दूरों की मौत की जानकारी मिली थी लेकिन देर रात अमलतास अस्पताल में इलाज के दौरान अमर और गुड्डू नाम के मज़दूर भी ने भी दम तोड़ दिया। हालांकि प्रशासन ने अभी तक सिर्फ तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।

धमाका इतना तेज था कि उसका असर दूर तक महसूस किया गया। फैक्ट्री की दीवारें टूट गईं और आसपास के घर भी हिल गए। हादसे के बाद कई झुलसे मजदूर घबराई हालत में बाहर निकलते दिखाई दिए। कुछ लोगों के कपड़े तक शरीर से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर जले हुए सामान, बाल और शरीर के अवशेष बिखरे पड़े मिले। घटना के बाद भी काफी देर तक फैक्ट्री के अंदर पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं। मौके पर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री फैली मिली। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं एफएसएल टीम और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह के अनुसार हादसे में घायल हुए कई मजदूर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिला अस्पताल में 12 घायलों का इलाज चल रहा है जबकि अमलतास अस्पताल में भी 6 से 10 लोगों को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा इंदौर के एमवाय अस्पताल में 3 और चोइथराम अस्पताल में 4 घायलों का इलाज जारी है। एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने बताया है कि वहां भर्ती तीन मरीज 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। पीटीआई के रिपोर्ट अनुसार फ़ैक्ट्री के एक मज़दूर ने बताया है कि हादसे के दौरान लगभग 600 के आसपास मज़दूर मौजूद थे जिसमें से 300 महिलाएं थी। फ़िलहाल इस घटना के कारण का जांच चल रही है। 

वहीं इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। टोंकखुर्द थाना पुलिस ने फैक्ट्री संचालक समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

 

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