खबर लहरिया Blog 8 जनवरी को पूरे भारत मे होगा, कोविड-19 वैक्सीन को लेकर ड्राई रन

8 जनवरी को पूरे भारत मे होगा, कोविड-19 वैक्सीन को लेकर ड्राई रन

मोदी सरकार द्वारा 8 जनवरी, 2021 को दूसरा कोविड-19 वैक्सीन ड्राईरन चलाया जाएगा। इस दिन देश के 718 जिलों में ड्राईरन होगा। इसके बाद ही कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सरकार द्वारा प्लान तैयार किया जाएगा। मिली आधिकारिक सूचना के अनुसार कहा जा रहा है कि सरकार द्वारा स्वयं ही 13 जनवरी तक ड्राईरन को खत्म करने की तारीख निश्चित की गयी है। 

ड्राई रन को लेकर क्या है मंत्रालय का कहना

Dry run on Kovid-19 vaccine

ड्राई रन के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन अभियान की पूरी योजना, लाभार्थी पंजीकरण, लघुस्तरीय योजना और वैक्सीन अभ्यास के लिए नियोजित जगह का परीक्षण जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में किया जाएगा।

मंत्रालय का यह भी कहना है कि इस अभ्यास के ज़रिएप्रशासकों को नियोजन, कार्यन्वयन, चुनौतियों की पहचान करने और वैक्सीन को सही तरह से विभिन्न स्तरों पर चलाने के लिए कार्यक्रम प्रबंधकों को विश्वास प्रदान करने में मदद करेगी।

प्रश्नों के हल के लिए शुरू किया कॉल सेंटर

मंत्रालय ने कोविन तंत्र ( एप) को लेकर कहा कि मंत्रालय की तरफ से उपयोगकर्ताओं के तकनीकी प्रश्नों को हल करने के लिए 24×7 कॉल सेंटर भी रखा गया है ताकि परेशानी का हल मौजूदा समय मे ही किया जा सके। कोविन यानी कोविड वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क, जो कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। जिसके जरिए ज़मीनी स्तर पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा। जिसमें उपयोगकर्ता को कोविन एप को अपने फोन में डाउनलोड करना होगा और एप में बतायी जा रही प्रक्रिया के अनुसार काम करना होगा।

ड्राई रन के लिए दिया गया प्रशिक्षण

वैक्सीन अभ्यास स्थल पर 1.7 लाख टिका लगाने वाले और 3 लाख टीकाकरण दल सदस्यों को वैक्सीन अभ्यास प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रक्रिया में लाभार्थी सत्यापन, टीकाकरण, तार्किक प्रबंधन ( लॉजिस्टिक्स), जैवचिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, एईएफआई प्रबंधन और कोविन तंत्र पर रिपोर्टिंग शामिल हैं। 

मिली दो वैक्सीन को मंजूरी

रविवार, 3 जनवरी को भारत के ड्रग रेगुलेटर ने दो कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। पहला, ऑक्सफ़ोर्ड एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन, जो कि पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाई गयी है। दूसरा, भारत बायोटेक कोवेक्सिन है, जिसका उपयोग सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार, 5 जनवरी को बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 10 दिन में वैक्सीन को लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

 3 जनवरी, 2021 को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी। भारत बायोटेक की वैक्सीन का नाम कोवैक्सिन है और यह कोविड-19 के लिए देश की पहली स्वेदशी वैक्सीन है। 

अफवाहों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह कहा

Dry run on Kovid-19 vaccine

शनिवार, 2 जनवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वायरस वैक्सीन की सुरक्षा के बारे में कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। भारत मेंसब कुछ विस्तार से जांचा गया है। जब पोलियो वैक्सीन अभियान शुरू हुआ था तब भी कई तरह की अफवाहें फैली थीं लेकिन एक बार जब यह धरातल पर उतर गया तो सभी लोग उसकी सुरक्षा के प्रति आश्वास्त दिखे थे।” 

वैक्सीन को लेकर हुई अफवाहें

वैक्सीन से कोविड होगा

यह बात पूरी तरह से झूठ है। ज्यादातर कोविड वैक्सीन में पूरा वायरस नहीं है, बल्कि उसका एक हिस्सा भर है। टीकाकरण के बाद बुखार अन् हल्केफुल्के असर आपकी प्रतिरक्षा यंत्र ( इम्यून सिस्टम) पर हो सकता है। कुछ टीकों में जरूर जिंदा कोविड वायरस का इस्तेमाल हुआ है, इनमें से दो भारत में ही बनी हैं लेकिनकमजोरया निष्क्रिय वायरस आपको बीमार नहीं करेगा। आप खसरा, टीबी जैसी बीमारियों के लिए ऐसी वैक्सीन पहले ही ले चुके हैं।

 – वैक्सीन लगाने का मतलब मास्क से मुक्ति

यह बात भी बिल्कुल गलत है। वैक्सीन से प्रतिरक्षा यंत्र यानी इम्यून सिस्टम मज़बूत होगा और वायरस का प्रसार रुक जाएगा। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वैक्सीन से कितने समय तक प्रतिरक्षा यंत्र मज़बूत रहेगा। इसलिए मास्क लगाए रखना ज़रूरी है।

पहले इन राज्यों में हुआ ड्राई रन

28 और 29 दिसंबर 2020 को भारत मे पहला वैक्सीन ड्राई रन चलाया गया था। जिसमें चार राज्यों के सात जिले शामिल थे। आंध्रप्रदेश का कृष्णा जिला, गुजरात का राजकोट और गांधी नगर, पंजाब का लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर और असाम का सोनितपुर और नालबरी में पहला ड्राई रन किया गया था।

क्या होता है ड्राई रन?

ड्राई रन एक तरह से कोरोना वायरस वैक्सिनेशन की एक मॉक ड्रिल है। यह डॉक्टर्स, अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ की तैयारियों का एक टेस्ट है। इस ड्राई रन में देश के अलगअलग हिस्सों में एक सेटअप तैयार किया जाएगा और वहां वैक्सीन का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। सीधे शब्दों में कहा जाए तो ड्राई रन में वेक्सिनेशन प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। साथ ही इसके ज़रिए से नए कोविन मोबाइल एप के इस्तेमाल का भी जमीनी स्तर पर एक ट्रायल होगा।

कोरोना वायरस वैक्सीन से जुड़ी तैयारियों को परखने और ट्रेनिंग में खामियों की जांच करने के लिए सभी राज्यों में ड्राई रन (पूर्वाभ्यास) किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर कोविन सुविधा का भी परीक्षण किया जा रहा है। देखना यह है कि 8 जनवरी को होने वाले ड्राई रन के बाद क्या परिणाम निकलकर आता है और वैक्सीन ज़मीनी स्तर पर कितनी ज़्यादा लाभदायक साबित होती है।