दलित छात्र के उत्पीड़न पर गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो शिक्षकों पर लगा अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट

साभार: ट्विटर

बीते 20 सितंबर को पंडित दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी में शोध छात्र दीपक ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। उसने आरोप लगाया था कि प्रो सीपी श्रीवास्तव और पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो द्वारिकानाथ श्रीवास्तव उसका उत्पीड़न कर रहे हैं।

यही नहीं कुलपति से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही दीपक को जान से मारने की धमकी भी दी गयी। इससे परेशान होकर दीपक ने जहर खा लिया। उसे गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

वहीं, ये मामला अब बढ़ने लगा है। दलित छात्र की तहरीर पर पुलिस ने दो प्रोफेसरों के खिलाफ एससी/एसटी(अनुसूचित जाति/जनजाति) एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। जिसके बाद मामले में शिक्षक संघ और दलित छात्र संगठन अब आमने-सामने आ गए हैं।

इससे पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डीन द्वारिकानाथ श्रीवास्तव को पद से हटा कर एक जांच समिति का गठन कर दिया था।

शिक्षक संघ की बैठक में पदाधिकारियों ने मांग की है कि जब तक यूनिवर्सिटी की जांच समिति की रिपोर्ट न आए तब तक कोई भी पुलिस कार्रवाई न हो। जांच समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट दे और प्रोफ़ेसर को उनके पद पर बहाल किया जाए।

इधर दलित छात्र संगठन की मांग है कि दोनों प्रोफ़ेसर्स को तत्काल निलंबित किया जाए। एससी/एसटी एक्ट में दोनों की गिरफ़्तारी की जाए साथ ही जांच समिति में कोई बाहरी अरक्षित वर्ग के एक व्यक्ति को भी रखा जाए।