खबर लहरिया Blog उच्च जाति के व्यक्ति ने दलित लड़की को बंधक बना किया एक महीने तक बलात्कार

उच्च जाति के व्यक्ति ने दलित लड़की को बंधक बना किया एक महीने तक बलात्कार

मामले को लेकर लड़की के पिता का कहना था कि वह चाहते हैं कि आरोपी आकर समझौता करके उनकी बेटी को वापस ले जाए और उसे अपने साथ अच्छे से रखे या फिर उसे कड़ी से कड़ी सज़ा या आजीवन कारावास हो।

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                                                                                                                     चित्रकूट जिले के गांव की सांकेतिक फोटो

चित्रकूट जिले के एक गांव में एक 17 वर्षीय दलित लड़की के साथ उच्च जाति के माने जाने वाले व्यक्ति द्वारा एक महीने तक बंधक बनाकर बलात्कार करने का आरोप है। लड़की का कहना है कि आरोपी द्वारा उसे अगवा कर लगातार बलात्कार किया गया और शारीरिक तौर पर भी उसे चोट पहुंचाई, उसके साथ मारपीट की।

लड़की ने आरोपी का नाम अखिलेश पटेल बताया जो उनके गांव के पास ही रहता है।

मामले को लेकर लड़की के पिता का कहना था कि वह चाहते हैं कि आरोपी आकर समझौता करके उनकी बेटी को वापस ले जाए और उसे अपने साथ अच्छे से रखे या फिर उसे कड़ी से कड़ी सज़ा या आजीवन कारावास हो।

आगे कहा, क्योंकि आरोपी उच्च जाति का ताकतवर व पैसे वाला व्यक्ति है। यही वजह है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

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अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर किया बलात्कार

लड़की के आरोप के अनुसार, पास के ही गांव का अखिलेश नाम का व्यक्ति उसे मोटरसाइकिल से अगवा कर पहले मऊ ले गया और वहां उसे किसी कारखाने में बंधक बनाकर रखा। उसके साथ मारपीट की और बलात्कार भी किया। फिर वह उसे दूसरे दिन लालता रोड ले गया और वहां रखा। तीसरे दिन आरोपी लड़की को अपने घर ले गया और उसे ईंधन वाले कमरे में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा। उसके साथ हर दिन बलात्कार करता और उसे हर दिन पीटता। इसके बाद वह उसे हैदराबाद ले गया और वहां उसे 15 दिनों तक रखा। यहां भी आरोपी ने उसके साथ लगातार बलात्कार किया और उसके साथ मारपीट की।

लड़की ने रोते हुए बताया, वह चीखती रही, चिल्लाती रही। जब भी वह आवाज़ निकालती, उस बेरहमी से मारा जाता। चार-चार दिन तक उसे खाना नहीं दिया जाता। दिन भर बाहर से ताला लगाकर आरोपी अखिलेश और उसके अन्य दो साथी बाहर चले जाते। किसी तरह एक दिन वह उनके चुंगल से निकलकर भाग गई और ट्रेन में बैठ गई। वह लोग भी उसके पीछे-पीछे भागे और उसी ट्रेन में बैठ गए। इसके बाद वह उसे कर्वी स्टेशन पर छोड़कर भाग गए।

आगे कहा, उसे सिर्फ अपनी बहन का नंबर याद था लेकिन कभी फोन करने का मौका ही नहीं मिला कि वह किसी को सूचना दे पाती। जैसे ही वह कर्वी स्टेशन पहुंची, आरोपी उसे छोड़कर भाग गए। उसने एक रिक्शे वाले से उसका फोन लिया और अपनी बहन को फोन लगाया और पूरी बात बताई। तब उसके माता-पिता कर्वी आए और उसे लेकर सीधे थाने गए। थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई लेकिन अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

आरोपी की तलाश ज़ारी

जब हमने इस बारे में रैपुरा थाने के एसओ शैलेन्द्र कुमार पांडे से बात की तो उनका कहना था कि पहले धारा 363 के तहत अपहरण का मामला लिखा गया था। जब लड़की के 8 मई को आने की सूचना मिली तो धारा 376 (बलात्कार) के तहत दूसरा मुकदमा लिखा गया। लड़की की डॉक्टरी भी हुई है और कोर्ट में बयान भी हुआ है। आरोपी की तलाश और जांच ज़ारी है। आरोपी को पकड़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

बता दें, वर्तमान धारा की उप-धारा 1 में प्रावधान है कि जो कोई भी बलात्कार का अपराध करता है, उसे कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जो दस वर्ष से कम नहीं होगा और आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यह है मामला

परिवार ने खबर लहरिया को बताया कि 18 अप्रैल 2023 को उनकी बेटी का गांव के तीन लोगों द्वारा अपहरण किया गया था। पिता ने बताया कि वह उस दिन खेत से गेहूं काटकर आई थी और खाना बनाकर अपनी माँ के पास खटिया बिछाकर सो रही थी। रात को तीन लोग बाइक पर आये और उनकी बेटी का मुंह दबाकर उसे बाइक से ले गए। उन्हें पता ही नहीं चल पाया। सुबह जब उन्हें उनकी बेटी नहीं मिली तो उन्होंने खोजबीन करना शुरू कर दिया और रैपुरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज़ कराई लेकिन प्रशासन से किसी तरह की मदद नहीं मिली। न ही उनकी एफआईआर दर्ज़ की गयी।

आगे कहा, 8 मई को उनकी लड़की वापस आ गई और उसने पूरी आपबीती बताई। इसके बाद वह दोबारा थाने पहुंचे व आरोप के अनुसार इस बार भी कोई कार्यवाही नहीं की गयी। वहीं आरोपी खुलेआम घूम रहा है।

पिता ने आगे बताया, आर्थिक तंगी की वजह से उनकी बेटी सिर्फ आठवीं तक ही पढ़ाई कर पाई और उनके साथ खेती करने लगी। उनकी किसी के साथ कोई दुश्मनी भी नहीं थी फिर भी पता नहीं क्यों उनकी बेटी का अपहरण किया गया। वह बस चाहते हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।

इन मामलों में सबसे चिंतनीय बात यह लगती है कि बलात्कार जैसी घटनाओं में भी कई परिवार पीड़ित को आरोपी के साथ बांधने की कोशिश करते हैं और सलाह-मशवरा से लड़की को आरोपी के साथ रखने की मांग करते हैं। वहीं पुलिस भी ऐसे कई मामलों में ढील दिखाते हुए नज़र आती है।

इस खबर की रिपोर्टिंग सहोद्रा द्वारा की गयी है। 

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