छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 45 गांव के हजारों आदिवासी ग्रामीणों द्वारा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा,पुल-पुलिया जैसे मूलभूत जरूरतों के लिए 22 जून 2026 बड़ा प्रदर्शन और जिले के कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया।
दैनिक भास्कर के खबर अनुसार ये प्रदर्शन जल,जंगल, जमीन संघर्ष समिति के बैनर तले किया गया। इस आंदोलन में महिला, पुरुष और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे। आंदोलनकारी तिरंगे झंडे और अंबेडकर की फोटो के साथ भारी संख्या में पैदल चलते दिखे।
शांति घाट से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च
वनांचल क्षेत्र के हजारों ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर शांति घाट से करीब दस किलोमीटर पैदल चलकर धमतरी कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और लोग बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का कोई हल नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों का आरोप था कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को रोकने के लिए कई प्रयास किया गया। आसपास के पेट्रोल पंप को दोपहर एक बजे से बंद कर दिया गया और डीजल देने पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद ग्रामीण डटे रहे और कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए।
आंदोलन को रोकने की गई कोशिश
ग्रामीणों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले बनरौद के पास पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए सड़क पर बेरिगेट लगाए और ट्रक खड़े कर दिए। फिर भी ग्रामीण आगे बढ़ते गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस भी छोड़े गए लेकिन प्रदर्शनकारी अपने मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान कलेक्ट्रेट मार्ग पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
बुनियादी सुविधाओं की मांग
ETV भारत के रिपोर्ट अनुसार ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वनांचल क्षेत्र के कई गांव आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, मोबाइल नेटवर्क जैसी जरुरी सुविधाओं से वंचित हैं। बारिश के समय सड़कों की हालत और भी खराब हो जाती है जिसके कारण लोग बीमार होने पर सही समय में अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
कलेक्ट्रेट द्वारा दिया गया कार्यवाही का भरोसा
स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट अविनाश मिश्रा स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएँ सुनी। उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि मांगों पर जल्द कार्यवाही की जाएगी और कुछ कार्यों के लिए जरुरी सरकारी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। कलेक्ट्रेट द्वारा बताया गया कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने के कारण विकास कार्यों के लिए विशेष नियमलागू होते हैं। क्षेत्र में पुल और सड़क निर्माण से जुड़े कई प्रस्ताव पर काम चल रहा है। इसी के साथ ग्रामीणों द्वारा कलेक्ट्रेट को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
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