खबर लहरिया Blog Chhattisgarh: वेदांता पावर प्लांट के हादसे में अब तक 20 मज़दूरों की मौत, वेदांता ने की घोषणा 

Chhattisgarh: वेदांता पावर प्लांट के हादसे में अब तक 20 मज़दूरों की मौत, वेदांता ने की घोषणा 

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए बड़े हादसे ने कई परिवारों को झकझोर दिया है। 14 अप्रैल 2026 को दोपहर में हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है।

फोटो साभार: PTI

इनमें 4 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि 14 लोगों को रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा। वहीं 2 लोगों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।

दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं जिनमें से 16 घायलों का अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसमें मरने वालों में कुछ छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं जबकि कई मजदूर यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आए थे। इस हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों में भारी गुस्सा देखने को मिला। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध किया और मुआवजे के साथ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

वहीं जिला प्रशासन भी हरकत में आया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।

वेदांता कंपनी ने किया 35 लाख देने की घोषणा

वेदांता कंपनी द्वारा मज़दूरों परिजनों के लिए 35 लाख रुपए मुआवजा और साथ ही रोजगार सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों के परिवारों के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की है। वेदांता ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा है कि “हम प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और मृतकों के परिवारों को 35 लाख रुपये और रोजगार सहायता तथा घायलों को 15 लाख रुपये प्रदान करेंगे साथ ही ठीक होने तक वेतन जारी रखने और परामर्श सहायता भी प्रदान करेंगे।” 

इस हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार की तरफ से मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया गया है।

फोटो साभार: छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री एक्स अकाउंट                           

30 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार

इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के अनुसार हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है। सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने डभरा के एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी दी है और कहा है कि 30 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए।

वहीं कंपनी ने भी अपने स्तर पर अंदरूनी जांच शुरू कर दी है। इस जांच में यह समझने की कोशिश की जाएगी कि हादसा तकनीकी गड़बड़ी से हुआ या फिर किसी की लापरवाही इसकी वजह बनी साथ ही प्लांट में सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत थे इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 50,000 की घोषणा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा है कि “छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में बिजली संयंत्र में हुई दुर्घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।” 

विपक्ष दलों की प्रतिक्रिया 

इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हादसे के असली कारणों की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह भी सवाल उठाया कि कहीं ये प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा तो नहीं है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी यहां तक कि मौके पर एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी जो मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इस हादसे में झुलसे लोगों की पहचान 

– अमर उजाला के रिपोर्ट अनुसार इसमें मृतकों की पहेचान की गई है जिसमें – 

– रितेश कुमार राय, भागलपुर (बिहार)

– अमृत लाल पटेल, मांझापारा (टुंड्री)

– ठंडाराम लहरे, जमगहन (मालखरौदा)

-तरुण कुमार ओझा, धनबाद (झारखंड)

– आकिब खान, दरभंगा (बिहार)

– सुसंता जना, पश्चिम बंगाल

– अब्दुल करीम, झारखंड

– उद्धव सिंह यादव, खरसिया

– शेख सईफउद्दीन, पश्चिम बंगाल

– पप्पू कुमार, उत्तर प्रदेश

– अशोक पहरे, पलामू (झारखंड)

– मानस गिरी, पश्चिम बंगाल

– बृजेश कुमार, उत्तर प्रदेश

– रामेश्वर महिलाने, जांजगीर-चांपा

– कार्तिक महतो, पश्चिम बंगाल

– नदीम अंसारी, फगुरम

– शिवनाथ मुर्मू

– चिंतरंजन डलोई, मेदिनीपुर

– दीपांकर सिंह, मेदिनीपुर

सक्ती जिले के सिंघीतराई में बना यह 1200 मेगावॉट का कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पहले ‘एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड’ के नाम से साल 2009 में शुरू हुआ था। हालांकि बीच में 2016 से 2022 तक इसका काम पूरी तरह बंद रहा जिससे प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा। बाद में 2022 में वेदांता ने इस प्लांट को अपने हाथ में लिया और काम फिर से शुरू कराया। इसके बाद अगस्त में इसकी 600 मेगावॉट की एक यूनिट चालू कर दी गई जबकि दूसरी यूनिट पर अभी भी काम जारी है।

 

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