क्रिकेट के क्षेत्र में बिहार में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) के नाम की तरह अब एक और नाम चर्चा में है। इस बार 15 वर्षीय युवा महिला अक्षरा गुप्ता (Akshara Gupta) का नाम है। महिलाओं के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि महिलाऐं पुरुषों से कम नहीं है। अक्षरा ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) महिला अंडर-19 वन-डे ट्रॉफी 2026 में ऐसी पारी खेली, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
अक्षरा गुप्ता ने विस्फोटक पारी भागलपुर के प्रसिद्ध सैंडिस कंपाउंड मैदान में कल गुरुवार 18 जून 2026 को खेली, जहां उन्होंने शुरुआत से अंत तक शानदार बल्लेबाजी की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मुकाबला टीम A और C के बीच खेला जा रहा था। इस मैच में अक्षरा की तूफानी पारी की बदलौत टीम A ने 450 और 329 रनों से टीम ने यह मैच जीत भी लिया।
टीम ‘ए’ ने निर्धारित 40 ओवरों में 450 रनों बड़ा स्कोर खड़ा किया। 451 रनों का दिया गया लक्ष्य पूरा करने में टीम ‘सी’ 21.3 ओवरों में महज 121 रनों पर ही ऑल ऑउट हो गई।
अक्षरा गुप्ता ने कम गेंदों में बनाया शतक और अर्धशतक
U 19 वनडे में अपनी पारी के दौरान, अक्षरा ने 55 चौके और 8 छक्के लगाए और 126 गेंदों पर 242.86 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उन्होंने सिर्फ़ 16 गेंदों में अपनी हाफ़-सेंचुरी (50 रन) और 39 गेंदों में सेंचुरी (100 रन) पूरी की। पुरे वनडे मैच में अक्षरा ने बिना ऑउट हुए नाबाद तिहरा शतक (306 रन) लगाया। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा कि बिहार की महिला क्रिकेटर अपने प्रदर्शन से लगातार राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।
कौन है अक्षरा गुप्ता
एटीवी भारत रिपोर्ट के अनुसार अक्षरा गुप्ता के पिता राज किशोर शाह की चिकन शॉप है और माँ रीना देवी घर के काम करती हैं। पिता ने शुरू से ही अक्षरा के क्रिकेट के प्रति रूचि को बढ़ावा दिया उन्होंने घर के पास गार्डन में नेट तैयार करवाया ताकि वह रोज अभ्यास कर सकें। माता-पिता ने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वह दो बहन और एक भाई हैं। वह बिहार की अंडर-19 महिला टीम की कप्तान हैं। अक्षरा गुप्ता भागलपुर में खेल चुकी हैं। वह बिहार की पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने दो साल के भीतर लगातार चार बीसीसीआई महिला टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। अक्षरा ने अब तक U-19,U-15,U-20,U-23 और U-24 में खेला है।
बचपन से ही क्रिकेट में रूचि
ईटीवी भारत की रिपोर्ट बताती है अक्षरा बचपन से ही अपने भाइयों और मोहल्ले के लड़कों को क्रिकेट खेलते देखती थी। इसके बाद उसमें खेलने की रूचि बढ़ी धीरे-धीरे उन्होंने भी बल्ला थाम लिया और लड़कों के साथ खेलना शुरू कर दिया। मोहल्ले के मैदान में वह इकलौती लड़की होती थीं। साल 2020 से क्रिकेट के प्रति लगाव और गहरा हो गया, जब उनके अंकल रामकृपा ने नियमित ट्रेनिंग देना शुरू किया।
वैभव सूर्यवंशी की तरह चमकीं अक्षरा गुप्ता
जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने U-19 में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहचान बनाई उसी तह अक्षरा ने भी कम गेंदों में अर्धशतक और शतक लगाकर सुर्खियां बटोरीं। वैभव सूर्यवंशी ने भी भारत की अंडर-19 में 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था।
क्रिकेट के क्षेत्र में भी महिलाऐं अब अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं चाहे वो U-19 के इस मैच की बात हो या फिर आईपीएल, वनडे, टी20 मैचों की हो। महिला क्रिकेट खिलाड़ियों में स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, शैफाली वर्मा, दीप्ती शर्मा, क्रांति गौड़ न जाने कितने ऐसे नाम है जिन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में इतिहास रचा है।
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शानदार अक्षरा को शुभकामनायें व बधाई.