खबर लहरिया Blog Recognition of 465 Schools Cancelled: यूपी बोर्ड द्वारा प्रदेश के 465 स्कूलों की मान्यता रद्द, देखें पूरी खबर  

Recognition of 465 Schools Cancelled: यूपी बोर्ड द्वारा प्रदेश के 465 स्कूलों की मान्यता रद्द, देखें पूरी खबर  

                                                 

मान्यता रद्द किए गए 465 संस्थानों में 306 हाईस्कूल शामिल हाई। इनमें 53 बालिका विद्यालय (गर्ल्स स्कूल) हैं और 253 सह-शिक्षा वाले स्कूल हैं। वहीं 159 इंटरमीडीएट कॉलेजों की मान्यता भी रद्द की गई है जिनमें 41 बालिका कॉलेज (गर्ल्स कॉलेज) और 118 सह-शिक्षा वाले कॉलेज शामिल हैं। 

फोटो साभार: माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी, एक्स अकाउंट)

माध्यमिक शिक्षा मंडल (यूपी बोर्ड) ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये निजी विद्यालय पिछले दो शैक्षणिक वर्षों (2024-25 और 2025-26) से नियमित रूप से नहीं चल रही थीं। उन स्कूलों में न तो बच्चे पढ़ने आ रहे थे और न ही स्कूलों से कोई छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हो रहे थे। इसी कारण नियमों के तहत इन विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। यह सूचना 17 जून 2026 को जारी की गई।

यूपी बोर्ड ने यह कार्यवाही इंटरमीडीएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत लागू नियमों के आधार पर की गई है। नियम 11 (डि) के अनुसार यदि हाईस्कूल या इंटर कॉलेज में लगातार दो साल तक पढ़ाई नहीं होती है या वहां का कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होता है तो उस संस्थान की मान्यता समाप्त हो जाती है। इसी नियम के तहत संबंधित स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है। 

मान्यता रद्द किए गए 465 संस्थानों में 306 हाईस्कूल शामिल हाई। इनमें 53 बालिका विद्यालय (गर्ल्स स्कूल) हैं और 253 सह-शिक्षा वाले स्कूल हैं। वहीं 159 इंटरमीडीएट कॉलेजों की मान्यता भी रद्द की गई है जिनमें 41 बालिका कॉलेज (गर्ल्स कॉलेज) और 118 सह-शिक्षा वाले कॉलेज शामिल हैं। 

मान्यता रद्द किए गए संस्थानों की सबसे अधिक संख्या प्रयागराज क्षेत्र की है जहां 150 स्कूल हैं। इसके बाद वाराणसी जहां 142 स्कूल हैं। मेरठ में 102 स्कूल हैं जिनका कार्य विफल रहा और अब वो रद्द कर दी गई है। 

यूपी बोर्ड द्वारा जिन संस्थानो की मान्यता रद्द की गई हैं उन में कई जिले शामिल हैं जैसे – प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर, आयोध्या, मथुरा, इटावा, वाराणसी, हरदोई, गाजियाबाद, हाथरस, अलीगढ़, अम्बेडकर नगर, बाराबंकी, गोंडा, गोरखपुर, फ़तेहपुर, कौशांबी, संत कबीर नगर, बलिया, जौनपुर, आजमगढ़, बलरामपुर, देवरिया, लखनऊ। ये वे स्कूल थे जो सिर्फ कागजों पर चल रहे थे ज़मीन पर नहीं। 

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