खबर लहरिया ग्रामीण स्वास्थ्य बांदा: बाढ़ के बाद बीमारियों की चपेट में गाँव

बांदा: बाढ़ के बाद बीमारियों की चपेट में गाँव

उत्तर प्रदेश में आई बाढ़ ने हर तरह से लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है। अगर बाढ़ खत्म होने के बाद की बात की जाए तो अभी भी बाढ़ से प्रभावित गांव गंदगी और बीमारी से जूझ रहे हैं और यह सिर्फ बांदा जिले की बात नहीं है। उत्तर प्रदेश के जिन जिन जिलों में बाढ़ आई है, उन सभी जिलों की स्थिति है। अब मैं बात करती हूं बांदा जिले की यहां भी केन और यमुना में उफान आने से बाढ़ का भारी प्रकोप रहा। जिसके चलते पैलानी तहसील के अंतर्गत आने वाले 2 दर्जन गांव प्रभावित हो गए।

लोगों ने बताया कि अब बाढ तो समट गई है, लेकिन उनके गांव में इतनी ज्यादा गंदगी है इतने ज्यादा जानवर पक्षी मरे हुए हैं कि वहां बदबू के कारण उनका रहना मुश्किल है। खाना-पीना दुश्वार है, इस गंदगी से इतने ज्यादा पीड़ित है वह कि हर घर में जुखाम बुखार कलरा जैसी बीमारी फैली हुई है। अब वहां पर यह स्थिति है कि ना तो सफाई के लिए कोई जा रहा है और ना ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका हालचाल जाने जा रही है।

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लोगों ने बताया कि गांव से तो बाढ समट गई है, लेकिन नदी में अभी भी बहुत ज्यादा जलभराव है। जिसके कारण उनका निकलना दूभर है नाव से इस पार से उस पार होना पड़ता है और कुछ गांव की रास्ता खुल भी गई है। जिन गांव में नाव से निकलना पड़ता है उन गांव के मरीजों को अस्पताल आने में भी बहुत ज्यादा दिक्कते होती हैं। इस कारण वह गांव में रखी छोटी-मोटी दुकानों से एक-एक दो- दो रुपए की गोलियां लेकर खाते हैं| लेकिन प्रशासन की तरफ से इस पर अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

लोगों ने यह भी कहा कि अगर जल्दी वहां की साफ सफाई नहीं हुई और स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची तो बीमारी विकराल रूप भी ले सकती है। जिन गांव की रास्ता खुल गई हैं, वह लोग चिल्ला दवा के लिए जाते हैं अस्पताल और कुछ लोग सिंधन में एक छोटा सा अस्पताल है वहां पर दवा करा लेते हैं, लेकिन जहां पर अभी भी नदी का प्रकोप है। वह लोग अभी भी उस पीड़ा से गुजर रहे हैं इसलिए वह प्रशासन से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द बाढ प्रभावित हैं। वहां स्वस्थ सुविधा का ध्यान दिया जाए।

पैलानी एसडीएम राम कुमार ने बताया कि जो सफाई कर्मी ग्रामीण क्षेत्र में पहले से लगे थे उनको और ज्यादा सक्रिय कर दिया गया है और सफाई के लिए लगा दिया गया है। जसपुरा सीएससी से स्वास्थ्य विभाग के तीन टीमों का गठन किया गया है। जो गांव गांव में जाकर लोगों के उपचार पर ध्यान दे गई दे रहे हैं और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कर रही हैं।

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