मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ बुंदेलखंड में एक बड़ा आंदोलन उठ खड़ा हुआ है। इस आंदोलन का चेहरा बने हैं अमित भटनागर जिन्हें लोग बुंदेलखंड का गांधी कहने लगे हैं। सरकार कहती है ये परियोजना पानी, सिंचाई और बिजली लाएगी लेकिन हज़ारों लोग विस्थापन, ज़मीन की बर्बादी और जंगलों के नाश का डर लिए जी रहे हैं। अमित भटनागर ने प्रशासन से पारदर्शिता माँगते-माँगते कई बार गिरफ्तारी झेली है। खबर लहरिया की टीम जंगलों को पार कर, भारी सुरक्षा पाबंदियों को पीछे छोड़कर उन तक पहुँची- क्योंकि मीडिया की पहुँच उन तक और प्रभावित गाँवों तक पूरी तरह बंद है। ये इंटरव्यू सिर्फ खबर लहरिया पर।
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