खबर लहरिया Blog शैक्षिक सत्र 2026-27: माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों को लेकर कैलेंडर जारी, जानें सभी जानकारी

शैक्षिक सत्र 2026-27: माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों को लेकर कैलेंडर जारी, जानें सभी जानकारी

 

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके पूर्ण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए एक शैक्षिक सत्र 2026-27 का कैलेंडर जारी किया गया है। यह कैलंडर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 23 मार्च 2026 को जारी किया। इस कैलेंडर में छात्रों की भाषा की समझ, समाचार पढ़ने की आदत, मोबाइल से होने वाले दुष्प्रभावों से जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य और व्यावहारिक शिक्षा पर ध्यान दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी किया गया शैक्षिक सत्र 2026-27 का कैलेंडर (फोटो साभार: माध्यमिक शिक्षा परिषद)

स्कूलों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ बाकी क्रियाकलापों यानी एक्टिविटी कराई जाती है। वर्त्तमान समय में आधुनिक और डिजिटल होने से बच्चों का ध्यान अधिकतर मोबाइल और गेम्स की ओर रहता है। बच्चे पढ़ाई से दूर भागने लगे हैं और बच्चों को अब पढ़ाई रुचिकर यानी इंटरस्टिंग नहीं लगती है। इस वजह से शिक्षा परिषद ने साल भर में बच्चों को कौन-कौन सी एक्टिविटी करानी है, इन सब के लिए विस्तृत जानकारी कैलंडर में दी गई है। कैलंडर में इस साल 9वीं से 12 वीं कक्षा का नया शैक्षिणक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसके बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह में पढ़ाए गए पाठ्यकर्म का पहला यूनिट टेस्ट लिया जाएगा। दूसरा यूनिट टेस्ट अगस्त महीने के अंतिम दिनों में लिया जाएगा। कैलंडर के अनुसार टेस्ट और परीक्षा आयोजित की जाए। इस कैलंडर को आप आधिकारिक वेबसाइट https://d3owc5q88bl9q1.cloudfront.net/pdf/annual_calender_2026-27.pdf पर जाकर देख सकतें हैं।

कैलंडर में कक्षा 9वीं से 12 वीं तक के बच्चों के लिए क्या है खास

विद्यालय में पढ़ाई शुरू होने से पहले पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा होगी। इसमें प्रार्थना, आज का सुविचार और छात्र-शिक्षक द्वारा छोटे-छोटे विचार साझा किए जाएंगे। विद्यार्थियों का स्क्रीन टाइम कम करने और अखबार पढ़ने की आदत बढ़ाने के लिए, रोज़ प्रार्थना सभा में उनसे मुख्य समाचार पढ़वाए जाएं। साथ ही, समाचार के कठिन शब्दों का सही उच्चारण, अर्थ और वाक्य में प्रयोग भी समझाया जाए।

प्रार्थना में अंग्रेजी भाषा का नया प्रावधान

सप्ताह में एक दिन प्रार्थना अंग्रेज़ी में कराई जाए। अगर स्कूल में कोई दूसरी भाषा भी बोली जाती है, तो हफ्ते में एक दिन उस भाषा में भी प्रार्थना कराई जा सकती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया, “यह कदम छात्रों को समसामयिक घटनाओं से जोड़ेगा और उनकी भाषा क्षमता को मजबूत करेगा।”

मोबाइल फोन्स के दुष्प्रभावों तथा ऑनलाइन गेम्स के बारे में जागरूकता

नए सत्र में छात्रों को मोबाइल लाना पूरी तरह से मना होगा। मोबाइल के नुकसान के बारे में बच्चों को जागरूक किया जाएगा -जैसे आंख ख़राब होना, पढ़ाई में ध्यान कम लगना और ऑनलाइन गेम्स की लत।

शिक्षा परिषद सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इन मुद्दों पर नियमित कार्यशालाएं और जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चे डिजिटल व्यसन (मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेम्स की लत लग जाना) से दूर रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

शिक्षा को रोचक बनाने का प्रयास

पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर मज़ेदार और समझने में आसान बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें हैंड्स-ऑन एक्टिविटी बच्चे खुद करके सीखेंगे (जैसे मॉडल बनाना, प्रयोग करना), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग अपने अनुभव से सीखना (देखकर, करके, समझकर), वैज्ञानिक प्रयोग यानी साइंस के प्रयोग करके चीजों को समझना, गणितीय खेल मैथ को खेल के जरिए आसान बनाना और लैब एक्टिविटी इसके अंतर्गत प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल करना शामिल होगा। इसके आलावा इस कैलंडर में साइबर सुरक्षा जागरूकता के लिए प्रत्येक विद्यालय में साइबर क्लब का गठन अनिवार्य होगा।

 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते हैतो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke