गुलाब के फूल देखने में सुन्दर तो होते ही हैं साथ ही इसकी सुगंध भी आसपास के वातावरण को महका देती है। इस भीषण गर्मी की वजह से प्रयागराज ब्लाक चाका गांव मडौसा में गुलाब के खेतों में गुलाब के फूलों का रंग उड़ता नज़र आया। फ़िलहाल अभी यूपी में तापमान कम से कम 42 डिग्री है। गुलाब की खेती पर तेज गर्मी का असर साफ़ दिखाई दे रहा है। खेतों में लगे गुलाब के फूल तेज धूप की वजह से छूने से ही बिखर जाते हैं। ऐसे में किसानों को तेज गर्मी से बचाने के लिए पानी, दवाई देनी पड़ती है ताकि पौधों को गर्मी में ख़राब होने से बचाया का सके।

रिपोर्ट – सुनीता, लेखन – सुचित्रा
गर्मी की वजह से गुलाब की पैदवार में कमी
अधिक गर्मी के कारण फूलों की पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है। जहां पहले दो गुना फूल निकलते थे, अब केवल आधी उपज ही मिल पा रही है। तेज तापमान से गुलाब की खेती करीब चार महीने तक कमजोर हो जाती है।
किसानों का कहना है कि हर मौसम उनके लिए चुनौती लेकर आता है -कभी तेज गर्मी, कभी ओलावृष्टि, तो कभी बाढ़। ऐसे में खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बढ़ती गर्मी की वजह से गुलाब का नुकसान
प्रयागराज जिले के चाका ब्लॉक के मडौसा गांव के किसान मुंशी बताते हैं कि गुलाब की खेती में काफी मेहनत लगती है, लेकिन बढ़ते तापमान से फसल को भारी नुकसान हो रहा है। ज्यादा गर्मी के कारण फूलों की कलियां झड़ जाती हैं और सही से विकसित नहीं हो पातीं, जिससे आमदनी कम हो जाती है।
वे बताते हैं कि जहां सर्दियों में एक बीघा खेत से करीब 10 गठरी फूल निकलते थे, वहीं गर्मी में यह घटकर 5 गठरी रह जाता है। तापमान से बचाव के लिए खेत में रोज पानी देना और दवा का छिड़काव करना पड़ता है। अगर नियमित सिंचाई न की जाए, तो गुलाब के पौधे सूखकर लकड़ी जैसे हो जाते हैं।
तेज गर्मी में गुलाब के पौधे को बचाने के उपाय
तेज गर्मी में गुलाब की खेती करने वाले किसान मुंशी ने बताया कि ऐसे में वह गुलाब के लिए रोजाना पानी डालते हैं। सामान्य दिनों में 3 या 4 दिन पर डालने पर भी इतना असर नहीं पड़ता लेकिन तेज गर्मियों में पौधे के ख़राब होने और पौधे की ग्रोथ में भी कमी आती है। गुलाब में समय समय पर खाद भी डालनी होती है उन्होंने बताया कि वह यूरिया खाद और पोटास डालते हैं।
गुलाब की खेती के लिए सबसे बढ़िया तापमान कब
गुलाब की खेती के लिए सबसे सही तापमान 15°C से 30°C* के बीच माना जाता है। इससे कम या ज्यादा तापमान होने पर पौधे की ग्रोथ और फूलों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट में विशेषज्ञ अनूप शंकर मिश्र ने यह जानकारी दी। वह कृषि संस्थान रायबरेली के पूर्व प्रबंधक हैं और उन्होंने Msc Ag किया है। इसके साथ ही कृषि में उन्हें 15 साल का अनुभव है।
गुलाब की खेती कब और कैसे
गुलाब की खेती अक्टूबर महीने से शुरू होती है। सबसे पहले खेत की जुताई की जाती है, फिर एक-एक हाथ की दूरी पर गड्ढे खोदे जाते हैं। इन गड्ढों में खाद (जैसे यूरिया) डालकर गुलाब की डंठल लगाई जाती है। इसके बाद समय-समय पर निराई-गुड़ाई, सिंचाई और खाद डालने का काम चलता रहता है।
मार्च महीने से गुलाब में कलियां आनी शुरू हो जाती हैं और धीरे-धीरे फूल निकलने लगते हैं। किसान मुंशी बताते हैं कि उन्होंने करीब डेढ़ बीघा में गुलाब की खेती की है और इसी से उनके घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दवा और शादी-ब्याह सब चलता है।
अभी शादी का सीजन होने से फूलों की मांग ज्यादा रहती है, लेकिन बढ़ते तापमान के कारण फसल कमजोर हो जाती है और उन्हें रोजाना करीब 1000 रुपए तक का नुकसान झेलना पड़ता है। वे यह भी बताते हैं कि एक बार गुलाब की डंठल लगाने के बाद कई सालों तक उससे फूल मिलते रहते हैं, जब तक पौधे को काटा नहीं जाता।
शिवकुमार किसान बताते हैं कि उनके क्षेत्र में करीब 75 प्रतिशत किसान गुलाब की खेती करते हैं और इसी से उनका रोजमर्रा का खर्च चलता है। किसान दिन में निराई-गुड़ाई करते हैं और सुबह करीब 4 बजे खेत में जाकर फूल तोड़ते हैं। इसके बाद 7–8 बजे तक गऊघाट फूल मंडी में बेचने के लिए पहुंच जाते हैं।
वे कहते हैं कि गुलाब तोड़ना काफी मुश्किल काम है, क्योंकि पौधों में बहुत कांटे होते हैं। काम करते समय कपड़े फट जाते हैं और हाथों में कांटे चुभने से खून तक निकल आता है। इसके बावजूद, घर का खर्च चलाने के लिए किसानों को यह मेहनत करनी ही पड़ती है।
मुन्ना किसान बताते हैं कि इस समय जो गुलाब के फूल खिलते हैं, वे शाम तक मुरझा जाते हैं और कलियां झड़ने लगती हैं। गर्मी के कारण फूल ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते।
गुलाब के फूलों का इस्तेमाल
गुलाब के फूलों का अधिक इस्तेमाल आमतौर पर पूजा में किया जाता है। वहीं इसका अधिकतर इस्तेमाल शादी और किसी खास कार्यक्रम के दौरान सजाने के काम आता है। शादी में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों में इन फूलों का खूब उपयोग होता है। लगन के समय एक गठरी (करीब ढाई किलो) फूल की कीमत 1000 से 2000 रुपए तक मिल जाती है।
ताजा गुलाब की सबसे ज्यादा मांग शादी की गाड़ियों की सजावट और जयमाला के लिए होती है। इसी वजह से इस क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर गुलाब की खेती करते हैं।
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