हाल के कुछ दिनों में नाबालिग लड़की से बलात्कार की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में 4 साल की बच्ची से लेकर 13 साल की लड़की के साथ हुए बलात्कार की घटना शामिल है। इन सभी मामलों में लड़की के लापता होने पर तत्काल कार्रवाई न होने पर लड़की के साथ बलत्कार किया गया। एक मामले में एक लड़की को रिक्शा चालक ने महज 1000 रुपए में होटल मालिक को बेच दिया। ये समाज और देश किस दिशा में जा रहा है जहां छोटी बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिला तक सुरक्षित नहीं है। पुलिस समय पर लापता लड़की को ढूंढ़ने का प्रयास नहीं करती जिसके बाद इतनी बड़ी घटना सामने आ जाती है।
5 जुलाई: पश्चिम बंगाल में बलात्कार और हत्या का आरोप
पश्चिम बंगाल से भी एक 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर अपहरण कर बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया है। द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में रविवार 5 जुलाई, 2026 को एक तालाब से 12 वर्षीय नाबालिग लड़की का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। परिवार का आरोप है कि लड़की के साथ बलात्कार और हत्या की गई थी।
इस घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा और गुस्साई भीड़ ने 40 वर्षीय एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला, क्योंकि उन्हें संदेह था कि वह आरोपी का सहयोगी था।
अधिकारियों के अनुसार,लड़की के माता-पिता ने बरुइपुर के सूर्यपुर गांव में शनिवार रात 4 जुलाई, 2026 को उसके लापता होने के बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई थी।
4 जुलाई: राजस्थान के श्रीगंगानगर का मामला क्या है?
1 जुलाई को राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामने आए एक मामले में 13 वर्षीय एक लड़की के कथित अपहरण और उसके साथ 18 से 23 जून के बीच कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार किए जाने का आरोप सामने आया। आरोप है कि इस मामले में 32 आरोपी शामिल थे जिन्होंने लड़की के साथ बलात्कार किया। जानकारी के मुताबिक लड़की को शहर के अलग-अलग होटलों में ले जाया जाता था। लड़की ने पुलिस को बताया कि एक रिक्शा चालक ने उसे होटल संचालकों को कथित तौर पर 1 हजार रुपए में बेच दिया था। लड़की ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले यौन शोषण से जब भी उसे दर्द होता था, तो उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था।
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला 23 जून को तब सामने आया जब पुलिस ने शहर के एक होटल पर छापा मारा और 13 वर्षीय लड़की को बचाया। पुलिस के अनुसार लड़की को 5 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। एफआईआर के अनुसार, कई होटल मालिक और संचालक नाबालिग के शोषण में शामिल थे।
तीन होटलों पर बुलडोजर और 14 लोग गिरफ्तार
मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन तीन होटल खुंगर, जॉय इन और होटल सफायर पर बुलडोजर चलाया, जहां कथित तौर पर अपराध हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। ई-रिक्शा चालक राम बाबू, मुकेश नाथ और लालबंद सिंगला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शनिवार 4 जुलाई को पुलिस ने हनुमानगढ़ के किशनपुरा दिखनाड़ा निवासी दीपक और श्रीगंगानगर निवासी तरुण नाम के दो और युवकों को भी गिरफ्तार किया। इस मामले में आगे की जाँच फ़िलहाल जारी है।
नाबालिग से किया दुर्व्यवहार राजस्थान पुलिस को गवारा नहीं।
श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बेटी से गैंगरेप के जघन्य मामले में राजस्थान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है, ताकि इन अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
अपराध को पनाह देने वाले तीन होटलों (होटल खुंगर,… pic.twitter.com/ToxMROVYPM
— Rajasthan Police (@PoliceRajasthan) July 2, 2026
सोशल मीडिया पर क्या दावा किया गया?
इस घटना के बीच सोशल मीडिया में एक और खबर सामने आई। इस खबर का सम्बन्ध राजस्थान की इसी घटना से बताया गया। इस घटना की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई। वीडियो ये कहकर फैलाया गया कि यह घटना राजस्थान के श्रीगंगानगर की है और अस्पताल में बयान दे रही लड़की वही है जिसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। लेकिन यह मामला एक दम अलग है जिसके बारे में खुद हरदोई पुलिस ने जानकारी दी और कहा कि यह वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का नहीं है।
हरदोई पुलिस ने लोगों से अपील की कि ऐसे भ्रामक दावों पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि के वीडियो या पोस्ट साझा न करें।
हरदोई में नाबालिग का अपहरण और बलात्कार
हरदोई पुलिस के अनुसार, यह मामला 23 जून 2026 का है। शिकायतकर्ता ने बिलग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 13 वर्षीय बेटी अपने नाना राजेश के घर, गांव आलमपुर गई थी। आरोप है कि वहां से कानपुर के रतनपुर शताब्दी नगर निवासी राहुल तिवारी, प्रिया (प्रशांत की पत्नी) और गुड्डू उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए।
अवगत कराना है कि अवगत कराना है कि दिनांक 23.06.2026 को आवेदक द्वारा थाना बिलग्राम पर सूचना दी गयी कि आवेदक की 13 वर्षीय पुत्री थाना क्षेत्र के ग्राम आलमपुर अपने नाना राजेश के घर गई थी। जहां से अभियुक्तगण 1.राहुल तिवारी 2.प्रिया पत्नी प्रशांत 3.गुड्डू निवासीगण रतनपुर शताब्दी नगर… pic.twitter.com/rouBdKsQ3U
— Hardoi Police (@hardoipolice) June 30, 2026
शिकायत के आधार पर बिलग्राम थाने में क्राइम नंबर 278/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 और 137(2) में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने लड़की की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की और संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, 28 जून 2026 को लड़की खुद बिलग्राम थाने पहुंची। इसके बाद उसके बयान दर्ज किए गए और मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने बताया कि अब लड़की का बयान न्यायालय में दर्ज होना बाकी है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बिलग्राम क्षेत्र के क्षेत्राधिकारी (CO) रामसूरत सोनकर ने भी आधिकारिक बयान जारी किया।
1 जुलाई : नाबालिग लड़की के साथ अन्य मामले
जुलाई के शुरुआत महीने में ही नाबालिग से बलात्कार के मामले सामने आए थे। 1 जुलाई की दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर में 12 साल की एक अनाथ बच्ची के साथ उसके मुंहबोले जीजा ने कथित तौर पर रेप किया। वहीं दिल्ली से भी 10 साल की बच्ची का कथित तौर पर अपहरण, रेप और हत्या का मामला सामने आया था। जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे इसके बावजूद वह ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाओं में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था।
जौनपुर में एक शादी समारोह में अपनी मां के साथ आई महज 4 साल की बच्ची रविवार की रात अचानक लापता हो गई। सोमवार 29 जून की सुबह उसका शव सरपत के झुरमुट के पास मिला। पुलिस ने इस केस को उसी दिन सुलझाते हुए आरोपी साहबलाल निषाद को गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल पर मिले गुटखे के पैकेट और आरोपी के घर मिले खून से सने कपड़ों ने पुलिस को उस तक पहुंचाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नाबालिग के खिलाफ मामले दर्ज – एनसीआरबी
NCRB की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में केस दर्ज किए गए। पीओसीएसओ (POCSO) यानी बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम कानून के तहत कुल 69,191 मामले सामने आए जो बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों की तस्वीर दिखाते हैं। इन मामलों में अपहरण और लड़कियों को जबरन शादी के लिए दबाव बनाने जैसे 13,192 केस दर्ज किए गए। वहीं भ्रूण हत्या के 141 और शिशु हत्या के 56 मामले भी सामने आए। इसके अलावा दलाली और तस्करी से जुड़े मामलों में 1,661 लड़कियां और 12 लड़के दर्ज किए गए। रिपोर्ट यह भी बताती है कि साल 2024 में अपहरण और अगवा करने के कुल 70,370 मामले दर्ज हुए जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
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