उत्तर प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य महिला आयोग ने कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आयोग ने मुख्य सचिव को 9 बिंदुओं वाले आदेश लागू करने के लिए कहा है।
इसके तहत अब डांस क्लास में लड़कियों को सिखाने के लिए महिला टीचर होना जरूरी होगा। इसी तरह बुटीक में महिलाओं के कपड़ों की नाप लेने का काम भी महिला कर्मचारी ही करेंगी। जिम, योगा सेंटर और नाट्य कला केंद्रों में भी महिला ट्रेनर या टीचर रखना जरूरी बताया गया है। साथ ही वहां काम करने वाले लोगों का सत्यापन कराने की बात भी कही गई है। यह आदेश 29 अप्रैल 2026 को दिया गया।
कोचिंग, जिम और स्कूल बसों के लिए भी तय किए गए नियम
महिला आयोग के निर्देश सिर्फ ट्रेनिंग सेंटर तक सीमित नहीं हैं ये नियम कई दूसरी जगहों के लिए भी बनाए गए हैं। अब कोचिंग सेंटर, जिम, योगा क्लास और बुटीक जैसी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर लगाना जरूरी होगा ताकि जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड देखा जा सके। स्कूल बसों में महिला सुरक्षाकर्मी या महिला टीचर की मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा जिम और योगा सेंटर में दाखिला लेते समय पहचान पत्र की कॉपी जमा करनी होगी। आयोग का कहना है कि इन कदमों से महिलाओं के लिए माहौल ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
बता दें कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण फाइटर की याचिका पर सुनवाई करते हुए महिला आयोग ने यह आदेश दिए हैं। इस संबंध में कानपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण फाइटर ने उत्तर प्रदेश महिला आयोग में एक याचिका दाखिल की। याचिका का संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने डीएम कानपुर को आदेश जारी किए हैं।
♦उत्तर प्रदेश महिला आयोग का बड़ा फैसला।
♦लड़कियों को डांस सिखाने के लिए महिला टीचर अनिवार्य,बुटीक में भी महिला ही लेंगी नाप।
♦उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ऐतिहासिक और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
♦अधिवक्ता प्रवीण… pic.twitter.com/frsvY3ySdx
— Knews (@Knewsindia) April 29, 2026
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए नए नियम का विस्तार
- महिलाओं के लिए चलने वाले जिम और योगा सेंटर में महिला ट्रेनर रखना जरूरी होगा। वहां काम करने वाले स्टाफ का पुलिस या संबंधित विभाग से सत्यापन भी कराना होगा।
- जिम या योगा सेंटर में आने वाली महिलाओं का आधार कार्ड, वोटर आईडी या किसी दूसरे पहचान पत्र से रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी उपलब्ध हो सके।
- महिला जिम, योगा सेंटर, कोचिंग सेंटर, डांस क्लास और बुटीक जैसी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) चालू हालत में रखना जरूरी होगा।
- स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षाकर्मी या महिला टीचर का होना जरूरी किया गया है।
- नाट्य कला केंद्रों और डांस क्लास में लड़कियों को सिखाने के लिए महिला टीचर रखना जरूरी होगा।
- महिलाओं के कपड़ों की नाप लेने का काम अब महिला टेलर या महिला स्टाफ ही करेगा।
- जिले के स्कूल, कॉलेज और दूसरे शिक्षण संस्थानों का सत्यापन कराया जाएगा ताकि वहां सुरक्षा इंतजामों की जांच हो सके।
- कोचिंग सेंटरों में सीसीटीवी के साथ-साथ साफ-सुथरे वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं भी रखना जरूरी होगा।
- जहां महिलाओं से जुड़ी चीजें या कपड़े बेचे जाते हैं वहां महिला कर्मचारी रखना अनिवार्य होगा ताकि महिलाएं आसानी और भरोसे के साथ खरीदारी कर सकें।
बता दें इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में यह खबर पहले भी नवंबर 2024 में चर्चा में बनी हुई थी। उत्तर प्रदेश में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में पुरुष दर्जी को महिलाओं का माप न लेना, योग और जिम में पुरुष ट्रेनर को न रखना, महिलाओं के बाल को काटने के लिए सैलून में पुरुष नाई का न होना, ऐसे कई उपायों का सुझाव दिया था उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए।
यूपी: पुरुष दर्जी महिलाओं के कपड़ों का नहीं ले सकेंगे माप – महिला आयोग ने रखा प्रस्ताव
लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इस तरह के उपाय से क्या सच में बदलाव आ सकता है या महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कानून व्यवस्था को सख्त करने और समाज, परिवार में पुरुषों की विचारधारा में परिवर्तन की आवश्यकता है?
निर्देश पूरे तरीके से लागू होने के बाद अब देखना ये होगा कि यूपी में महिला आयोग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इस तरह के उपाय का प्रस्ताव रखना कहाँ तक सफल हो सकता है ?
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