यह कहानी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के भारती नगर की है, जहाँ गाँव से थोड़ा दूर जंगल के बीच बनी झोपड़ियों में 40 से अधिक बुज़ुर्ग अपना जीवन बिता रहे हैं। इनमें से कई बुज़ुर्गों के बेटे और परिवार गाँव में रहते हैं, लेकिन उन्होंने जंगल को ही अपना घर बना लिया है। क्या इसकी वजह मजबूरी है? क्या यह उनकी परंपरा है? या फिर जंगल और ज़मीन से ऐसा रिश्ता, जिसे वे छोड़ना नहीं चाहते? इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए इन बुज़ुर्गों की ज़िंदगी, उनके संघर्ष, उनके फैसले और उस सच्चाई को जो शायद गाँव और शहर के बदलते रिश्तों पर भी सवाल खड़े करती है।
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