रामपुर जिले में रहने वाला 22 साल का इमरान माहिर सामाजिक मुद्दों पर खुद के लिखे हुए रैप गाता है। वह जिले के कस्बा मिलक का रहने वाला है। उसे बचपन से ही गाने और लिखने का शौक था। उसके इसी शौक ने आज उसकी एक अलग पहचान बनाई है।
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इमरान माहिर ने खबर लहरिया से बात करते हुए कहा कि घर की स्थिति को देखते हुए उसने रैप गाने की शुरुआत की। कहा कि जब कोरोना में सभी लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी थी तभी से उसने रैप गाना शुरू किया। उसने अपना रैप इमरान माहिर के नाम से यूट्यूब पर डाला जिसे लोगों द्वारा काफ़ी पसंद किया गया।
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इमरान ने बताया कि पारिवारिक स्थिति सही न होने की वजह से वह 9वीं क्लास तक ही पढ़ पाया। रैप की शुरुआत में उसे काफी मुश्किलें भी देखनी पड़ी लेकिन उसकी मेहनत और लगन ने उसे आगे पहुँचाया। इमरान का कहना है कि उसे बस जनता का प्यार चाहिए।
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