रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक के ग्राम मुड़ागांव और आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीण वर्षों से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कई कंपनियां आने के बाद पानी का रंग पीला हो गया है और अब उन्हें पानी छानकर पीना पड़ता है। गांव में पानी की टंकी पर फिल्टर लगाया गया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार वह बार-बार खराब हो जाता है। उनका कहना है कि पहले उन्हें साफ पानी और जंगल से मिलने वाले फल-फूल, पत्ते और अन्य संसाधन आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि लंबे समय से ऐसे पानी का इस्तेमाल करने के कारण कई लोगों में त्वचा संबंधी समस्याएं, दांतों का पीला पड़ना और हड्डियों से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र चिकित्सीय पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। हर साल पानी का सैंपल जांच के लिए लिया जाता है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मूल समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी यहां बड़ी चुनौती है। इलाज के लिए लोगों को 8 से 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है क्योंकि गांव में न स्वास्थ्य केंद्र है और न ही मेडिकल स्टोर।
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