बांदा जिले की ग्राम पंचायत गुरेह के सैकड़ों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी जमीन के पट्टों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 45 साल पुराने पट्टों को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि उनके पास पट्टे, जमीन से जुड़े दस्तावेज और जोत-बही मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे दशकों से इसी जमीन पर खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते आए हैं। अब यदि जमीन चली जाती है तो उनके सामने रोज़गार और आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
ये भी देखें –
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’