मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय यूपी के दौरे पर है। यह यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनकी चुनावी यात्रा है। अगले साल चुनाव फरवरी–मार्च 2027 में होने की संभावना है। हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग ने अभी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया है। उन्होंने सोमवार 6 जुलाई से यूपी में चित्रकूट, बाँदा, वाराणसी, बस्ती, प्रतापगढ़ और अयोध्या में जनता को सम्बोधित किया। इन जिलों में उन्होंने विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में भाग लिया। जमीनी स्तर पर मुख्यमंत्री के आने पर जमीन पर क्या असर पड़ा? क्या लोगों की समस्या को सुना गया? क्या उनके आने पर जनता खुश हुई या फिर उनके आने से लोगों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा? इन सभी को खबर लहरिया ने रिपोर्ट किया और लोगों की आवाज को आप तक पहुंचाया।

उत्तर प्रदेश में जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो साभार: x/@myogiadityanath)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया जनसभाएं सिर्फ सरकारी योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, तो दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों, युवाओं और गरीबों से जुड़ी योजनाओं के जरिए अलग-अलग वर्गों तक सरकार का संदेश पहुंचाने की कोशिश की।
अपने भाषणों में योगी ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में विकास की रफ्तार धीमी थी, जबकि मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था, विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देकर काम कर रही है। उनका संदेश था कि जनता विकास और सुशासन के आधार पर ही फैसला करेगी।
10 जुलाई अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
10 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी अयोध्या दूसरी बार आए इससे पहले अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में दर्शन के लिए आए थे। इस बार अयोध्या में ₹432 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
समाज के प्रत्येक तबके ने श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए आंदोलन और संघर्ष किया… pic.twitter.com/KnH96Zc1Lu
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 10, 2026
उन्होंने विपक्ष के समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा इन लोगों ने मंदिर निर्माण में बाधा खड़ी की। इन लोगों ने प्रभु श्री राम पर प्रश्न खड़ा करने का प्रयास किया, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। वहीं, डबल इंजन की सरकार आई तो प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया।
9 जुलाई बांदा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार 9 जुलाई को बांदा के पंडित जेएन पीजी कालेज मैदान में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने बांदा और बबेरू में 710 रुपए करोड़ से ज़्यादा की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ बांटे।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सबसे पहले बुंदेलखंड का दौरा करने और इस क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने के लिए कहा था। उस समय बुंदेलखंड पिछड़ेपन, पलायन और पेयजल संकट से जूझ रहा था।
डकैतों और विभिन्न माफियाओं का आतंक था। किसान खेतों तक जाने से डरते थे, नौजवान रोजगार के लिए पलायन कर रहे थे और व्यापारी भय के माहौल में जीवन बिता रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री को सुनने और कई लोग अपनी समस्या को बताने के लिए हज़ारों की संख्या में पहुंचें। बाँदा में सीएम के आने से रुट डाइवर्ट और ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला।
https://www.facebook.com/share/r/197ok5jPnm/
बाँदा में सीएम योगी के आने पर कटे पेड़
बांदा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों के बीच शहर के कई मार्गों पर हरे-भरे पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय से कालू कुआँ मार्ग तक कई पेड़ों को मशीनों से जड़ से काट दिया गया।
स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और छात्रों का कहना है कि ये पेड़ न तो कार्यक्रम में बाधा थे और न ही हेलीपैड या किसी निर्माण के रास्ते में थे। उनका सवाल है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण पर जोर देते हैं, तो उनके कार्यक्रम की तैयारी के नाम पर पेड़ क्यों काटे जा रहे हैं?
भीड़ जुटाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया टारगेट
कार्यक्रम में कुछ आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भीड़ भी देखने को मिली। जब उनसे खबर लहरिया की पत्रकार ने बातचीत करने की तो वह नाखुश नज़र आई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन देवी कहती हैं कि “CDPO (बाल विकास परियोजना अधिकारी) यहां बिना यूनिफार्म के ऐसी बुलाया है ताकि भीड़ का हिस्सा लगे। भीड़ इक्कठा करने के लिए बुलाया है।”
वहीं मुन्नी देवी सहायिका कहती हैं कि “सुपरवाइजर ने फोन कर के कहा यहां आना पड़ेगा और साथ में बाकि लोग को भी लेकर आओ। हम अपने साथ 50 महिलाएं लेकर आए।”
इसका मतलब यह कि महिलाएं यहां अपने मन से खुशी से इस कार्यक्रम में नहीं आई बल्कि उन पर दबाव था जिसके चलते उन्हें यहां न चाहते हुए भी आना पड़ा।
जनता नहीं मिल सकी सीएम से, उम्मीद टूटी
कार्यक्रम में भीड़ का हिस्सा बनी कुछ महिलाऐं ऐसी भी थी जो उनसे मिलने की उम्मीद लेकर आई थी ताकि अपनी समस्या को वह उनके समक्ष रख सके। मैदान के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लोगों का आरोप है कि केवल पासधारकों, वीआईपी लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को ही अंदर जाने दिया गया, जबकि आम जनता धक्का-मुक्की और इंतजार के बाद निराश होकर लौट गई।
पानी की समस्या लेकर पहुंची महिला
पालनगर जिला बाँदा से राखी नाम की महिला कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शिकायत पत्र साथ लेकर आई थी। राखी कहती हैं “सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की है 3 साल से पानी नहीं आ रहा है। टैंकर आता है तो वो भी 3 या 4 दिन पर आता है। हम नहीं मिल पाए योगी जी से। हम खुश नहीं है जब हमारे यहां दिक्कत है तो हम कैसे खुश होंगे।
8 जुलाई वाराणसी और चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी
बाँदा जाने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी 8 जुलाई को दो जिलों में चित्रकूट और वाराणसी में आए थे। वाराणसी में उन्होंने ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ शुरू की, जिससे करीब 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में ₹1,200 प्रति छात्र डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए एसबीआई के साथ एमओयू भी किया गया तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का सम्मान किया गया।
वहीं चित्रकूट और मानिकपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹951 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, जनकल्याण और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ना ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की पहचान है।
‘बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे’ आज बुंदेलखंड की Lifeline बन गया है… pic.twitter.com/VUyBSyvHtY
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 8, 2026
7 जुलाई प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी 7 जुलाई को जनपद प्रतापगढ़ और सुलतानपुर में थे। उन्होंने प्रतापगढ़ एवं विश्वनाथगंज विधान सभा क्षेत्रों में ₹384 करोड़ से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं तथा सुलतानपुर एवं इसौली विधान सभा क्षेत्रों में ₹819 करोड़ से अधिक लागत की 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास होगा।
साथ ही, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों का शुभारंभ तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, आयुष्मान कार्ड, सिलाई मशीन, स्वीकृति-पत्र, आवास की चाबी, प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित किए।
योगी ने कहा “गरीबों को ऊपर स्तर तक लाने के लिए मुफ्त में दी सुविधा
योगी कहते हैं “गरीबों के लिए मुफ्त रसोई गैस, एक एक आवास प्रधानमंत्री योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिया गया। शौचालय दिए गए ये सब किसलिए ताकि गरीब का जीवन स्तर ऊपर उठ सके।
तंत्र वही, लोग वही, राज्य वही, केवल कार्य करने की स्टाइल बदली है…
हर गरीब को उसका हक, नौजवान को रोजगार, अन्नदाता किसान को शासन की योजना का लाभ मिला… pic.twitter.com/G5Cl374Tdm
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 7, 2026
21 जून महोबा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
महोबा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21 जून 2026 को आए थे। यहां उन्होंने करीब ₹697 करोड़ की लागत वाली 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि –
- बुंदेलखंड में विकास की रफ्तार तेज हुई है।
- गोरखगिरि को एडवेंचर टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
- सरकार का लक्ष्य विकास के साथ रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
- उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर होने से निवेश और विकास दोनों को गति मिली है।
Mahoba, Uttar Pradesh: Addressing a programme marking the inauguration and foundation stone laying of 88 development projects worth over ₹697 crore, Chief Minister Yogi Adityanath says, “Gorakhgiri should be developed as a new centre for adventure tourism. Restaurants, hotels,… pic.twitter.com/d0FqslK4ty
— IANS (@ians_india) June 21, 2026
राजनीतिक तौर पर देखें तो ऐसे कार्यक्रम भाजपा के लिए 2027 के चुनाव से पहले माहौल बनाने और अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का अहम माध्यम बन सकते हैं। हालांकि चुनावी असर आखिरकार इस बात पर निर्भर करेगा कि मतदाता इन दावों और योजनाओं को अपने जीवन में कितना महसूस करते हैं और विपक्ष इनके मुकाबले क्या मुद्दे और रणनीति लेकर जनता के बीच जाता है।
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते हैतो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’