बारिश ने इस बार राहत से ज्यादा तबाही की तस्वीर दिखाई है। गुजरात से लेकर केरल, मुंबई, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सड़कों पर पानी, बाढ़ जैसे हालात और बारिश से जुड़े हादसों में जान गंवाने की खबरें भी सामने आईं।
उत्तर प्रदेश में 10 लोगों की मौत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के गुरुवार 9 जुलाई को हुई बारिश ने करीब 10 लोगों की जान ले ली। बुलंदशहर में मस्जिद की पुरानी दीवार गिरने से एक ही परिवार के 2 लोगों की मौत हो गई। हरदोई में 2 बहनें नदी में बह गईं। संत कबीर नगर में खेत में काम कर रहीं दो महिलाओं की बिजली गिरने से मौत हो गई। कुशीनगर में खेत के पास खड़े 14 वर्षीय किशोर की जान चली गई। वहीं, बुलंदशहर में भारी बारिश के बाद दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए।
गुजरात के सूरत में 9 लोगों की मौत
ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के सूरत में पिछले दो दिनों में मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई है, जिनमें डूबने और बिजली का करंट लगने से हुई मौतें शामिल हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों से करीब 3,900 लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। सूरत, तापी, नर्मदा, छोटा उदयपुर, दाहोद, अमरेली और भावनगर में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। गुरुवार 9 जुलाई को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी सूरत का दौरा किया था और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इलाके में बार-बार आने वाली बाढ़ का पक्का समाधान तैयार करें। सोशल मीडिया पर कई वीडियो समाने आई जिसमें से एक काफी वायरल हुआ जिसमे लोगों के शरीर का आधे से ज्यादा हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और कई लोग गाड़ियों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
Gujarat is drowning. Surat broke an 85-year-old rainfall record, with 18 inches of rain in two days. Over 2,100 people relocated. Schools shut, roads were submerged, and cars were swept away.
Nine lives were lost, including children drowning and electrocutions. The government… pic.twitter.com/ujhSctJyAy— Kumar R Talukdar🇮🇳 (@Kumarjyoti49291) July 8, 2026
उत्तराखंड में यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब 1,000 यात्री फंसे
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण बंद हो गए हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब 1,000 श्रद्धालु और यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। भारी बारिश को देखते हुए राज्य के 10 जिलों में आज स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग भी चट्टानें गिरने के कारण बंद हो गया है। दूसरी ओर, हरिद्वार में कई सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टिहरी में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर दो होटल और एक रेस्टोरेंट खतरे की जद में आ गए तथा एक पुरानी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई।
रुद्रप्रयाग और चमोली में मलबा आने से बद्रीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग कई जगह बाधित हो गए। वहीं, पूरे राज्य में 70 से अधिक सड़कें बंद हैं, जिनमें सबसे अधिक ग्रामीण सड़कें बागेश्वर जिले में प्रभावित हुई हैं।
मौसम विभाग द्वारा आज और कल भारी बारिश का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का ख़तरा है, इसलिए बिना मार्ग की सटीक जानकारी लिए सफ़र पर न निकलें। कृपया सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में 112 पर सम्पर्क करें।#UttarakhandPolice pic.twitter.com/GYJ6KS81HA
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) July 9, 2026
पश्चिम बंगाल में 15 मछुआरे लापता
दैनिक जागरण की 9 जुलाई की रिपोर्ट में सामने आया कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने गया ‘मां काली’ नाम का ट्रॉलर 15 मछुआरों समेत लापता हो गया है। तय समय पर ट्रॉलर बंदरगाह नहीं लौटा और उसमें सवार किसी भी मछुआरे से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद प्रशासन ने खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना से ट्रॉलर मालिक और मछुआरों के परिवारों में चिंता का माहौल है।
पश्चिम बंगाल में लगातार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कोलकाता में जलभराव से सड़कें डूब गईं, ट्रैफिक प्रभावित हुआ और कई उड़ानों में देरी हुई। कूचबिहार में 143 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तर बंगाल के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और कई सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
दिल्ली में 4 लोगों की मौत
दिल्ली में भी 2 दिन से लगातार तेज बारिश हो रही है। इसके चलते 9 जुलाई 2026 गुरुवार को भारी बारिश की वजह से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इनमें एक सात साल का बच्चा भी शामिल था, जो कथित तौर पर उत्तर-पश्चिम दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में संजय कॉलोनी में पानी भरे खाली प्लॉट में डूब गया।
गाजियाबाद के सर्वोदय नगर में एक तीन साल के बच्चे की लाश पानी में औंधे मुंह मिली। अधिकारियों को शक है कि बच्चा इलाके में जमा बारिश के पानी में फिसलकर डूब गया। एक 24 साल के आदमी की भी मौत हो गई, जब वह अपने प्राइवेट ऑफिस के पास एक पार्क से गुज़र रहा था, तभी उसे करंट लग गया।
केरल के वायनाड में भूस्खलन (Wayanad landslide) से 7 लोगों की मौत
आज शुक्रवार 10 जुलाई को वायनाड लैंडस्लाइड (Wayanad landslide) में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई। लैंडस्लाइड 7 जुलाई को अनकम्पोयिल-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट साइट पर हुआ, जिसे वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। घटनास्थल पर नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (NDRF), फ़ायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज़, और पुलिस की टीमों ने मलबा हटाने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।
Video of Terrifying Moment of Landslide hits Wayanad, 3 dead, 9 injured
A major #Landslide triggered by continuous heavy rainfall struck #Kalladi near Meppady in #Wayanad district, #Kerala on Tuesday, 3 people feared died, while 9 others injured, one of them critical.
The… pic.twitter.com/Jl8C9QpaNu
— Surya Reddy (@jsuryareddy) July 7, 2026
राजस्थान में 6 लोगों की मौत
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। धौलपुर में बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिससे छह लोग मलबे में दब गए। वहीं अजमेर के किशनगढ़ में कच्चा मकान गिरने से माता-पिता और उनका बच्चा मलबे में दब गए। तीनों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। राज्य में छह ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई अन्य ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महाराष्ट्र में बारिश की वजह से 62 लोगों की मौत
मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से 1 जून से लेकर अब तक 62 लोगों की मौत हो गई है। महाराष्ट्र स्ट्रेट डिज़ास्टर मेंजमेंट अथॉरिटी(SDMA) ने जानकारी दी कि ये मौतें बिल्डिंग गिरने और बिजली गिरने की वजह से हुईं। मुंबई, पुणे और कई इलाकों में जलभराव और जाम की समस्या देखने को मिली। मुंबई-अहमदाबाद मुख्य मार्ग, मुंबई-पुणे लाइन पर कर्जत-लोनावला घाट खंड में भूस्खलन से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ऐसे हालात दिखाते हैं कि देश में निकासी व्यवस्था एकदम खराब है जिस वजह से हर साल बाढ़ जैसी स्थिति हो जाती है और कई लोगों को अपनी जान, घर और जमीन खोनी पड़ती है।
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