पटना जिले के फुलवारी ब्लॉक अंतर्गत जयपुर नगवा वार्ड नंबर 6 की यह रिपोर्ट सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच का फर्क दिखाती है। यहां 30 से 35 घरों में बिजली कनेक्शन है, लोग समय पर बिल भी जमा करते हैं, कुछ घरों में रिचार्ज मीटर भी लगे हैं — लेकिन बिजली का एक भी खंभा नहीं। लोग मजबूरी में रोड से बांस और अस्थायी सहारे से अपने घरों तक तार ले गए हैं, जिससे हादसे का खतरा हर समय बना रहता है। दो गलियां ऐसी हैं जहां एक भी खंभा नहीं, इसलिए स्ट्रीट लाइट नहीं और शाम 5 बजे के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। अंधेरे की वजह से महिलाएं और बच्चे बाहर नहीं निकल पाते रात में इमरजेंसी होने पर लोग डरते हैं चोरी और जान का खतरा बना रहता है ग्रामीणों का सवाल है — “जब हम सरकार की हर योजना का पालन करते हैं, तो हमें पूरा लाभ क्यों नहीं?” ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बिजली अभियंता का कहना है कि नई एप्लीकेशन के आधार पर कार्रवाई होगी, लेकिन गांव वालों का कहना है कि वे पहले भी आवेदन दे चुके हैं।
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