खबर लहरिया खाना खज़ाना गांव-देहात की खासियत है ‘महुआ का ठोकवा’

गांव-देहात की खासियत है ‘महुआ का ठोकवा’

महुआ का ठोकवा: महुआ के फूल का काफी महत्व है ये तो हम जानते ही है। इसके सेहत से जुड़े कई फायदे हैं। आज हम बात करेंगे गांव-देहात में खास तौर पर महुआ से बनने वाली “महुआ का ठोकवा” की जिसको बड़े-बुज़ुर्ग ही आमतौर पर शौक़ से खाते हैं। इसे उन व्यंजनों में शुमार किया जाता है जिन्हे पहले के लोग खाया करते थे। आज के दौर में यह ठोकवा विलुप्त सा होता नज़र आ रहा है।

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इसे बनाने के लिए हमे चाहिए सूखा महुआ का फूल,आटा, और चीनी। पहले महुआ को 3-4 घंटे के लिए भिगो कर रख देंगे उसके बात उसे पीस कर आटे में मिला लेंगे फिर चीनी डालकर उसको गूंध लेंगे। फिर उसके छोटी-छोटी टिकरी बना कर उसे या तो तवे पर सेंक ले या फिर तेल में फ़्राई कर लेंगे। बनकर तईयार है स्वादिष्ट ठोकवा। यह सेहत में भी काफी भरपूर होते हैं। इसे आप लम्बे समय तक रख सकते है। और इसे आप किसी भी चीज़ जैसे चटनी, दूध या किसी सब्ज़ी के साथ भी खा सकते हैं।

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