सितंबर 2026 में एआई सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हुई है। हाल की रिपोर्टों में एआई कंपनियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऐसे उदाहरणों पर चिंता जताई है जिनमें एआई सिस्टम ने अपेक्षा से अधिक स्वतंत्र तरीके से काम किया। सुरक्षा नियंत्रणों को दरकिनार करने की कोशिश की।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आप ने नाम तो सुना ही होगा और आप इसका इस्तेमाल भी करते होंगे ही। AI को हिंदी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का कहा जाता है।
एआई (AI) क्या है?
AI ऐसी तकनीक है जो कंप्यूटर या मशीन को इंसानों की तरह जानकारी समझने, पैटर्न पहचानने, सवालों के जवाब देने, निर्णय में मदद करने और नया कंटेंट बनाने की क्षमता देती है। चैटबॉट, आवाज पहचानने वाले सिस्टम और फोटो-वीडियो बनाने वाले टूल इसके उदाहरण हैं। आजकल AI को बेहतर बनाने को लेकर बड़ी बड़ी कंपनियों के बीच एक कम्पटीशन वाली दौड़ सी चल रही है। हर बड़ी कंपनी अपना एक नया AI लांच कर रही है।
वैसे तो एआई ने काम को तेज और आसान बनाया है लेकिन अब इसकी बढ़ती क्षमता के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने है—क्या एआई की रफ्तार सुरक्षा और इंसानी नियंत्रण से आगे निकल रही है?
एआई (AI) को लेकर फिर क्यों बढ़ी चिंता?
सितंबर 2026 में एआई सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हुई है। हाल की रिपोर्टों में एआई कंपनियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऐसे उदाहरणों पर चिंता जताई है जिनमें एआई सिस्टम ने अपेक्षा से अधिक स्वतंत्र तरीके से काम किया। सुरक्षा नियंत्रणों को दरकिनार करने की कोशिश की। ओपन एआई और एंथ्रोपिक के पूर्व कर्मचारी जैकब कॉक्सन ने एंथ्रोपिक की नौकरी छोड़ने के बाद एक्स पर एक गंभीर चेतावनी साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया X अकाउंट पर 9 सितम्बर को किया था। उनकी इस पोस्ट के बाद एआई के तेजी से हो रहे विकास और उससे जुड़े खतरों को लेकर चिंता बढ़ गई।
हालांकि विशेषज्ञों के बीच AI की रफ़्तार करने पर बातचीत और बहस जा रही है। यह कहना मुश्किल है कि एआई भविष्य में कितना बड़ा खतरा पैदा कर सकता है या ऐसा खतरा कब पैदा होगा।
एआई (AI) से सामने आने वाले खतरे कौन-से हैं?
वैसे तो एआई आप के काम को आसान बनाता है जैसे -लेख लिख सकता है, तस्वीर बना सकता है, वीडियो बना सकता है, लेकिन इसके साथ ही आपकी तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो भी बना जो बिलकुल आपकी शक्ल जैसा लग सकता सकता है। आपकी आवाज की नकल कर सकता है। उदाहरण के लिए एआई अब ऐसी तस्वीरें बनाने में सक्षम है जिनमें असली व्यक्ति ने कभी वह काम किया ही नहीं होता। इससे किसी व्यक्ति की तस्वीर का गलत इस्तेमाल, फर्जी पहचान और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
एआई टूल को इस्तेमाल करते समय लोग अक्सर अपना नाम, फोन नंबर, दस्तावेज, निजी बातचीत, ऑफिस की जानकारी, फोटो या वीडियो अपलोड कर देते हैं। लेकिन आप इस तरह के खतरे से कैसे बच सकते हैं उसे समझते हैं। यहां सबसे जरूरी बात है कि हर एआई सेवा की डेटा नीति एक जैसी नहीं होती। इसलिए बच्चों की तस्वीरों को सार्वजनिक सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते समय भी सावधानी जरूरी है। तस्वीर जितनी ज्यादा सार्वजनिक होगी, उसके गलत इस्तेमाल की संभावना को पूरी तरह खत्म करना उतना ही मुश्किल होगा।
एआई (AI) का असर ग्रामीण स्तर पर
ग्रामीण स्तर पर भी आजकल एआई का इस्तेमाल हो रहा है। जिन लोगों को इसके बारे में जानकारी है वो इसका इस्तेमाल वीडियो बनाने, तस्वीर बनाने और रील बनाने में करते हैं और सही गलत में फर्क भी समझ सकते हैं। लेकिन आज भी कुछ गांव में डिजिटल जानकारी और इंटरनेट की सुविधा कम है, वहां लोग एआई पर मिली गलत जानकारी को सही मान लेते हैं। इसकी वजह से कई बार अफवाह का भी शिकार हो जाते हैं। इसलिए ऐसे में एआई का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और इसकी पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए।
अपना डेटा और तस्वीर एआई (AI) से कैसे सुरक्षित रखें?
हम आपको एआई का इस्तेमाल पूरी तरह छोड़ना के लिए नहीं कह रहे हैं। सावधानी से इस्तेमाल करें तो आप सुरक्षित रह सकते हैं। जैसे –
- संवेदनशील दस्तावेज अपलोड न करें आधार, पैन, पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, पासवर्ड, OTP, मेडिकल रिकॉर्ड या गोपनीय ऑफिस दस्तावेज किसी सामान्य एआई चैट में डालने से बचें
- निजी तस्वीरें सोच-समझकर अपलोड करें : ऐसी फोटो जिसमें बच्चों, परिवार, घर का पता, पहचान पत्र या दूसरी संवेदनशील जानकारी दिखाई दे रही हो, उसे एआई टूल पर अपलोड न करना बेहतर है।
- डेटा नीति जरूर पढ़ें : एआई टूल इस्तेमाल करने से पहले देखें कि आपकी बातचीत और अपलोड की गई फाइलों का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग, निजीकरण या दूसरे उद्देश्यों के लिए कैसे किया जाता है।
- ट्रेनिंग और हिस्ट्री का ऑप्शन देखना क्योंकि इसका इस्तेमाल AI को ट्रेन करने के लिए किया जाता है इसलिए इसकी समझ होना बहुत जरुरी है।
उदाहरण के लिए, संवेदनशील काम के लिए कुछ एआई सेवाएं ऐसी सुविधा देती हैं जिसमें बातचीत सामान्य चैट इतिहास में सेव नहीं होती या मॉडल सुधार के लिए इस्तेमाल नहीं की जाती। उदाहरण के तौर पर ChatGPT का Temporary Chat मॉडल सुधार के लिए इस्तेमाल नहीं होता, हालांकि सुरक्षा कारणों से इसकी एक कॉपी सीमित अवधि तक रखी जा सकती है। आप चाट जीपीटी में जाकर अपनी निजी दस्तावेज और हिस्ट्री का इस्तेमाल पर नियत्रंण कर सकते हैं।
सबसे पहले आप चैट जीपीटी के अकाउंट में लेफ्ट साइड में अपने नाम पर क्लिक करें। इसके बाद सेटिंग में जाए, फिर ऑप्शन डाटा कंट्रोल पर जाए और इम्प्रूव द मॉडल फॉर एवरीवन (“अपने कंटेंट का इस्तेमाल हमारे मॉडल को प्रशिक्षित करने की अनुमति दें। इससे ChatGPT आपके और इसे इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों के लिए बेहतर हो सकेगा। हम आपकी निजता की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाते हैं।”)
पर जाकर ON हुए पर क्लिक करें फिर वो बंद हो जायेगा। इसका मतलब अब आपका डाटा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही आप डिलीट ऑल चैट्स पर जाकर हिस्ट्री भी डिलीट कर सकते हैं।
इसी तरह इंस्टाग्राम में भी आप ऐप पर जाकर अपनी प्रोफाइल पर जाकर सबसे ऊपर राइट में दिख रही तीन लाइन पर क्लिक करें। इसके बाद शेयरिंग एंड रियुस (Sharing and Reuse) में जाकर allow people to create with and reuse your content के नीचे आपको पोस्ट्स और रील का ऑप्शन दिखेगा उन दोनों पर क्लिक करेंगे तो वह बंद हो जाएगा। इसके बाद आपका डाटा और तस्वीर सुरक्षित रहेंगे और इसका इस्तेमाल ai द्वारा बनाए गए कंटेंट में नहीं हो पाएगा।
बस हम आप से इतना कहना चाहते हैं की एआई को अपनी सोच, पहचान और निजी जानकारी का पूरा विकल्प न बनाए। कम से कम निजी डेटा दें, संवेदनशील तस्वीरें साझा करने से बचें, एआई की जानकारी की पुष्टि करें और महत्वपूर्ण फैसलों में इंसानी विवेक बनाए रखें।
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