स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश को गर्व महसूस करवाया है। खासकर वेटलिफ्टिंग (Weightlifting) में भारत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। 26 जुलाई 2026 को हुए वेटलिफिटिंग (वजन उठाने वाला) खेल में भारत ने एक ही दिन में तीन मेडल जीते। इसमें खिलाड़ी मीराबाई चानू का नाम काफी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को पहला गोल्ड दिलाया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार तीसरा गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) है।

मीराबाई चानू (गोल्ड मेडल), ऋषिकांत सिंह (सिल्वर), राजा मुथुपंडी (सिल्वर मेडल) और पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार (ब्रॉन्ज़ मेडल)
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई 2026 से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हुए हैं। इन खेलों का समापन 2 अगस्त 2026 को होगा। इस बार 74 देशों और क्षेत्रों के तीन हजार से अधिक खिलाड़ी 10 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।
Commonwealth Games 2026: मीराबाई चानू ने बनाया नया रिकॉर्ड
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू (31 वर्षीय) ने महिलाओं के 48kg वर्ग फाइनल में गोल्ड जीता। मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के नए रिकॉर्ड बनाए।
आपको बता दें स्नैच (Snatch): इसमें खिलाड़ी को बारबेल (वजन) को एक ही बार में सीधे जमीन से सिर के ऊपर उठाना होता है। मीराबाई चानू ने इसमें 85 किलोग्राम वजन उठाया। वहीं क्लीन एंड जर्क (Clean and Jerk) में मीराबाई ने 105 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें वजन दो चरणों में उठाया जाता है।
- पहले बारबेल को जमीन से कंधों तक लाया जाता है (क्लीन)।
- फिर कंधों से सिर के ऊपर उठाया जाता है (जर्क)।
दोनों वर्गों में उठाए गए वजन को जोड़कर कुल वजन 190 किग्रा तक का वजन मीराबाई चानू ने उठाया जो अब तक का रिकॉर्ड है।
मीराबाई चानू को कोच और मम्मी से मिला सपोर्ट
मीडिया से बातचीत करते हुए मीराबाई चानू भावुक नज़र आई। उन्होंने कहा “मम्मी ने बहुत सपोर्ट किया। मम्मी हमेशा कहती रहती हैं तुम कर सकती हो। मैं उन्हीं की बात मान कर यहां तक पहुंची हूँ। कोच विजय सर ने भी हर टाइम सपोर्ट किया है। वेटलिफ्टिंग ऐसा गेम होता है जिसमें काफी इन्जरी (चोटें) भी आती हैं। उम्र के हिसाब से भी काफी मेहनत करना पड़ता है।”
#WATCH | Glasgow, Scotland: Mirabai Chanu gets emotional as she talks about the support from her family and coach.
Mirabai Chanu won the Gold Medal in the Women’s 48kg Weightlifting event at Commonwealth Games. pic.twitter.com/rubZZ1iSHb
— ANI (@ANI) July 26, 2026
मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड मेडल
31 साल की मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले भी वह 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे देश को गर्व हुआ है।
Commonwealth Games 2026: भारत ने एक ही दिन में जीते 3 मेडल (पदक)
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की शुरुआत धीरे हुई लेकिन वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों ने शानदार वापसी कराई। 26 जुलाई को हुए खेल में मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जबकि रिशिकांता सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत तथा हरजिंदर कौर ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई।
वेटलिफ्टिंग – ऋषिकांत सिंह पुरुषों के 60kg फाइनल में – सिल्वर
Heartiest congratulations to Rishikanta Singh Chanambam on winning the Silver Medal in the Men’s 60kg Weightlifting category at the #2026CommonwealthGames. 🇮🇳🥈
Your dedication, resilience and years of perseverance have brought immense pride to the nation. Wishing you continued… pic.twitter.com/Z18RJ7csMU
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 26, 2026
वेटलिफ्टिंग: राजा मुथुपंडी, पुरुषों की 65kg वेटलिफ्टिंग – सिल्वर
Proud Moment for Indian Weightlifting!
Many congratulations to Raja Muthupandi for clinching Silver in Men’s 65kg Weightlifting. #Cheer4Bharat #CWG2026 pic.twitter.com/qjldVR9ja5
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 27, 2026
वेटलिफ्टिंग: मीराबाई चानू, महिलाओं की 48 किलोग्राम – स्वर्ण पदक
बॉक्सिंग और अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से आगे और पदकों की उम्मीद है। जदुमानी सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को हराकर पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि प्रीति पवार ने मलावी की देबोरा मतेनजे पर जीत हासिल करके महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कितने पदक जीते?
भारत के पदकों की संख्या अब चार हो गई है, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश का खाता खोला था। उन्होंने 181 और 190 किलोग्राम के सफल लिफ्ट लगाए और कुल 130.9 अंक हासिल किए थे। पैरा-पावरलिफ्टर का मतलब है दिव्यांग (Para) खिलाड़ियों की पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी।

