छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी समेत कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इसका असर महानदी के किनारे बसे शिवरीनारायण और खरौद इलाके में भी देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का पानी नगर के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। कई लोगों के घरों में पानी घुसने से घर में रखा सामान भीग गया है। वहीं आने-जाने के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल है कि बाढ़ से लोगों की जिंदगी पर कितना असर पड़ा है? प्रभावित लोगों की सबसे बड़ी परेशानी क्या है? क्या उन्हें समय पर राहत और जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं? और प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं? इन्हीं सवालों को लेकर हमने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से बात की और जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की।
ये भी देखें –
Patna/बाढ़ के पानी में कैद गांव: दानापुर में कैसे गुजरता है लोगों का एक दिन-रात?
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’