पटना जिले के दानापुर प्रखंड में गंगा किनारे बसे गांवों में हर साल बाढ़ लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना देती है। पानी बढ़ने के बाद कई गांव बाकी इलाकों से कट जाते हैं और लोग कई दिनों तक अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाते। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ के दिनों में वे पहले से जमा किए हुए सत्तू, चावल और रोटी के सहारे गुजारा करते हैं। गीली लकड़ी के कारण खाना बनाना भी मुश्किल होता है। रात में सांप और दूसरे कीड़ों का डर बना रहता है, जिसके चलते कई लोग टॉर्च लेकर रातभर पहरा देते हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ आना उनके लिए नया नहीं है, लेकिन प्रशासन अगर नाव की नियमित व्यवस्था करे तो जरूरी सामान लाने, इलाज कराने और सुरक्षित जगह तक पहुंचने में उनकी मुश्किल कुछ कम हो सकती है।
ये भी देखें –
यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’