मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गोलाघाट जिले के बोकाखाट में ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ (Mukhyamantri Mahila Udyamita Asoni) के तहत 27,166 महिलाओं को 10,000 रुपये मंगलवार 3 जनवरी 2026 को दिए। बताया जा रहा है कि इसकी वजह अगले साल 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव है। वहीं दूसरी ओर बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10,000 रुपए महिलाओं को दिए गए थे। इस योजना के लिए पोर्टल अब 31 दिसंबर 2025 को बंद कर दिया गया।

‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ (Mukhyamantri Mahila Udyamita Asoni) के तहत 10000 तक का चेक महिला को देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (फोटो साभार : सोशल मीडिया Himanta Biswa Sarma X अकाउंट)
चुनाव के समय या पहले से ही जनता को पैसा देकर समर्थन लेना अब पार्टियों और सरकार की आम बात हो गई है। पिछले साल नवंबर 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था जहां नीतीश कुमार की सरकार ने रोजगार के लिए महिलाओं को “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत 10,000 रुपए दिए गए थे। अब भारतीय जनता पार्टी यही तरीका असम राज्य के विधानसभा चुनाव के लिए भी अपनाती दिख रही है।
‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ क्या है?
11 जनवरी, 2024 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) के तहत नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत 2 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) का हिस्सा बनीं महिलाओं को ‘ग्रामीण सूक्ष्म उद्यमियों (Rural Micro Entrepreneurs)’ के रूप में विकसित करने में मदद करना है, साथ ही हर सदस्य की सलाना आय एक लाख रुपये तय की गई है।
इस योजना के तहत जरुरी पात्रता मानदंडों को पूरा करने पर शुरुआती वर्ष में सरकार महिला उद्यमियों को 10,000 रुपये देगी। अगले दो सालों में उन्हें सरकार द्वारा 12,500 रुपये और बैंक से 12,500 रुपये का लोन दिया जाएगा।
‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ के तहत 10 हज़ार रुपए
3 जनवरी 2026 को दरंग और सरूपथर और गोलाघाट जिले के बोकाखाट में 10000 रुपए दिए गए। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अब तक 16 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है और अगले 20 दिनों में 16 लाख और महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलेगी। अगर महिलाएं अपने गांवों को आत्मनिर्भर बनाती हैं, तो असम की अर्थव्यवस्था को 32,000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। हमने पहले ही 8 लाख ‘लखपति दीदियां’ तैयार कर ली हैं।”
Fulfilling dreams in Darrang and Sarupathar!
Today, 54,000+ sisters received ₹10,000 financial assistance under #MMUA, turning small starts into big dreams & stronger livelihoods.
And we will NOT stop until 40 lakh women of Assam dream big & become Lakhpati Didis. https://t.co/KucPrzXYOO pic.twitter.com/1TBClwutPb
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 5, 2026
बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का पोर्टल बंद
बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खाते में दस दस हजार रुपए की राशि भेजी गई है। इसके बाद अब आवेदन के लिए जारी पोर्टल भी बंद कर दिया गया है। इस योजना के तहत चयनित महिलाओं को रोजगार के लिए बाद में दो-दो लाख रुपए भी दिए जाने का प्रावधान है।
पोर्टल बंद हुआ तो सवाल भी उठने लगे हैं कि अब यह पोर्टल क्यों बंद कर दिया गया? क्या ये पैसे सिर्फ चुनाव जीतने के लिए दिया गया था।
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